Bettiah News: प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में बिहार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्राध्यापक गण एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बेतिया के एमजेके कॉलेज और आरएलएसवाई कॉलेज में संयुक्त आंदोलन किया गया. दोनों महाविद्यालयों में प्राध्यापकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शिक्षा व्यवस्था तथा शिक्षक-कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया.
एमजेके कॉलेज में शिक्षकों ने किया धरना-प्रदर्शन
एमजेके कॉलेज में बीयूटा की अध्यक्ष डॉ. अंबिका कुमारी की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया. कार्यक्रम का संचालन सचिव डॉ. शफी अहमद ने किया. इस दौरान वक्ताओं ने प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की.
कार्यक्रम को डॉ. योगेंद्र सम्यक, डॉ. राजेश कुमार चंदेल, डॉ. अब्दुल कादिर, डॉ. मेनका, डॉ. दिवाकर दुबे सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित किया.
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होने की जताई आशंका
आंदोलन में शामिल शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम लागू होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होने की आशंका है. उन्होंने सरकार से अधिनियम के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने तथा प्राध्यापकों, कर्मचारियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की.
आरएलएसवाई कॉलेज में भी शिक्षकों-कर्मियों ने जताया विरोध
आरएलएसवाई कॉलेज में भी प्रस्तावित अधिनियम के विरोध में शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया. वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षक-कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है.
चरणबद्ध आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प
आंदोलन के दौरान संघर्ष मोर्चा की ओर से घोषित चरणबद्ध कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया गया. शिक्षकों एवं कर्मियों ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम पर पुनर्विचार होने तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा.
बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी रहे मौजूद
आरएलएसवाई कॉलेज के प्रदर्शन में परीक्षा नियंत्रक डॉ. राकेश कुमार राय के साथ वरीय प्राध्यापक डॉ. राम नागेश प्रसाद, डॉ. स्निग्धा लाल, डॉ. बसंती कुमारी, डॉ. अपर्णा शर्मा, डॉ. अजय पासवान, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. सौरभ रंजन, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. स्वीकृति, डॉ. लालजी यादव, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. रामचंद्र पासवान, डॉ. शफीउल्लाह, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल रहे.
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