Bettiah News: चनपटिया विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में दो अहम मुद्दे उठाए. तारांकित प्रश्न के माध्यम से उन्होंने पश्चिम चंपारण समेत राज्य के बुनियादी विद्यालयों की बदहाल स्थिति पर सरकार का ध्यान खींचा, जबकि शून्यकाल में क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए.
पश्चिम चंपारण में सबसे अधिक 43 बुनियादी विद्यालय
विधायक ने विधानसभा में कहा कि बिहार में कुल 391 बुनियादी विद्यालय हैं. इनमें सबसे अधिक 43 विद्यालय पश्चिम चंपारण जिले में स्थित हैं. लेकिन इन ऐतिहासिक विद्यालयों में भवन, शिक्षकों, चतुर्थवर्गीय कर्मियों और कौशल विकास से जुड़े उपकरणों की भारी कमी है.
उन्होंने कहा कि कई विद्यालय अतिक्रमण की समस्या से भी जूझ रहे हैं. ऐसे में इन विद्यालयों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार को ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए.
जर्जर भवन और शिक्षकों की कमी का भी उठाया मुद्दा
विधायक अभिषेक रंजन ने पूरक प्रश्न के माध्यम से पश्चिम चंपारण के बुनियादी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन और जरूरी संसाधनों के अभाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि विद्यालयों की ऐतिहासिक पहचान को बचाने के साथ-साथ वहां पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है.
मामले पर शिक्षा मंत्री ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया.
तीन महीने में चोरी के एक दर्जन से अधिक मामले
शून्यकाल के दौरान विधायक ने चनपटिया विधानसभा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि चनपटिया, मझौलिया, गोपालपुर, सिरिसिया, कुमारबाग और मनुआपुल थाना क्षेत्रों में पिछले तीन महीनों के दौरान चोरी के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हुए हैं.
विधायक के अनुसार, इन मामलों में अब तक किसी का भी संतोषजनक तरीके से उद्भेदन नहीं हो सका है. इससे आम लोगों में भय का माहौल है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
नियमित पुलिस गश्त और गिरफ्तारी की मांग
विधायक अभिषेक रंजन ने चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही उन्होंने संबंधित थाना क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग सरकार के सामने रखी.
उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई कर लोगों में भरोसा बहाल किया जाना चाहिए.
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