Bettiah News: पश्चिम चंपारण में जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने जा रही है. बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने नई निबंधन व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी है. विभाग के सचिव नवीन कुमार ने सभी समाहर्ता-सह-जिला निबंधकों को पत्र जारी कर अधिवक्ताओं, दस्तावेज नवीनवीस, मुहर्रिरों और डीड राइटरों को सेवा प्रदाता के रूप में अधिकृत करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. विभागीय स्तर पर 15 जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है.
सेवा प्रदाता के माध्यम से पूरी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत दस्तावेज तैयार करना, ऑनलाइन अपलोड, ई-सिग्नेचर, पक्षकारों एवं गवाहों के डिजिटल हस्ताक्षर, संपत्ति का मूल्यांकन, स्टाम्प शुल्क की गणना, स्लॉट बुकिंग तथा ई-स्टाम्प कोड जारी करने जैसे सभी कार्य अधिकृत सेवा प्रदाता करेंगे. जिला निबंधक कार्यालय इन सेवा प्रदाताओं को अनुज्ञप्ति प्रदान करेगा. विभाग ने पहले से निबंधन कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखक और मुहर्रिरों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है.
लोगों को मिलेगी तेज, सुरक्षित और पारदर्शी सेवा
पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन रजिस्ट्री के लिए लोगों को भारी-भरकम कागजी फाइलें लेकर कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. बायोमेट्रिक सत्यापन, ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से रजिस्ट्री पूरी की जाएगी. दस्तावेजों की डिजिटल प्रति भी तुरंत उपलब्ध करा दी जाएगी. इससे रजिस्ट्री में लगने वाला समय कम होगा और कागज गुम होने या फर्जीवाड़े की संभावना भी घटेगी.
पश्चिम चंपारण में तैयारी शुरू
जिला अवर निबंधक गिरीश चंद्र ने बताया कि विभागीय निर्देश प्राप्त होने के बाद सेवा प्रदाताओं के चयन और अनुज्ञप्ति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मुख्यालय से अंतिम आदेश मिलते ही जिले में भी पेपरलेस रजिस्ट्री सेवा लागू कर दी जाएगी. इससे जिले के हजारों जमीन खरीदारों और विक्रेताओं को बड़ी सुविधा मिलेगी.
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