Nautan News: अंचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत पकड़िया के वार्ड संख्या-12 निवासी किसान चंद्रमा सिंह जैविक तरीके से केले की खेती कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं. वर्तमान में वे दो एकड़ भूमि में केले की खेती कर रहे हैं. किसान का दावा है कि पिछले वर्ष एक एकड़ में केले की खेती से उन्हें लगभग ₹4 लाख का मुनाफा हुआ, जिसके बाद वे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं.
दूसरे किसानों से प्रेरणा लेकर शुरू की खेती
चंद्रमा सिंह ने बताया कि उन्होंने खड्डा और झखरा पंचायतों में केले की खेती देखकर स्वयं भी इसकी शुरुआत करने का निर्णय लिया. वे केले की खेती में केवल जैविक खाद का उपयोग करते हैं और खाद भी स्वयं तैयार करते हैं.
रासायनिक खाद से मिट्टी की उर्वरता होती है प्रभावित
किसान का कहना है कि रासायनिक खाद के अधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है और उससे तैयार फसल स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है. उनका मानना है कि किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ केले जैसी नकदी फसल अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं.
सरकारी सहायता नहीं मिलने की कही बात
चंद्रमा सिंह ने बताया कि केले की खेती के लिए उन्हें अब तक सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है. इसके बावजूद वे आत्मनिर्भर होकर जैविक खेती कर रहे हैं.
बीएओ ने कहा, खेती का होगा अवलोकन
इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) नेहा राज ने बताया कि पकड़िया पंचायत में जैविक केले की खेती की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि खेती के तरीके का अवलोकन किया जाएगा और किसान को प्रोत्साहित करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी.
