योगापट्टी. स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी से प्रखंड के विभिन्न चौक चौराहे पर बिना रजिस्ट्रेशन और अनुमति के संचालित हो रहे नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालकों में हड़कंप मच गया. शनिवार को स्थानीय सीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रखंड में करीब आधा दर्जन अस्पताल की जांच की गई. इस दौरान स्थानीय चौक स्थित आधा दर्जन खुले अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर व चाईल्ड केयर में गठित स्वास्थ्य टीम के पदाधिकारी ने जांच कर तत्काल कागजात की मांग की. स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने दर्जनों बंद अवैध रूप से संचालित हो स्वास्थ्य सेवाएं को चिन्हित कर उनकी सूचीबद्ध किया. जानकारी के अनुसार प्रखंड के योगापट्टी, फहतेपुर, नवलपुर, पिपरा, त्रिवेणी चौक, सिसवा, बैरागी, शनिचरी बासोपट्टी सहित दर्जनों जगहों पर अवैध तरीके से हॉस्पिटल व टेक्नीशियन अल्ट्रासाउंड एक्स-रे संचालित आज भी धड़ल्ले से हो रहा है. इन अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालकों द्वारा आम जनता को अपने झांसा में लेकर मोटी रकम की उगाही भी कर रहे हैं. हालांकि इन अवैध स्वास्थ्य संचालकों द्वारा दर्जनों मरीजों को मौत की घाट उतार दिया है. जिसको लेकर पूर्व में कई बार लोगों द्वारा स्वास्थ्य विभाग से इसकी शिकायत भी कर जांच भी करवाया गया था. उसके बाद भी स्थानीय सीएससी चौक, फहतेपुर, नवलपुर, पिपरा आदि जगहों पर बीएएमएस चिकित्सा सर्जरी का बोर्ड लगाए हुए हैं. सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अब्दुल गनी ने बताया कि जांच के बाद सभी संचालकों से कागजात की मांग की गई हैं. इसके मिलने के बाद एक रिपोर्ट विभाग को भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि जनता पैथोलॉजी का रजिस्ट्रेशन नहीं है. रतन हेल्थ केयर सेंटर का कोई कागजात नहीं था. भारत अल्ट्रासाउंड का 26 जुलाई 2023 तक का कागजात मिला. सोनाली अल्ट्रासाउंड बंद पाया गया. चार पांच चाइल्ड केयर बंद मिले और जो खुला था, उसमें काम करने वाला कोई नहीं था. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सभी को चिन्हित कर इसकी सूची जिला स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है. जांच टीम में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अब्दुल गनी, अस्पताल प्रबंधक शैलेश कुमार सिंह अकाउंटेंट सतीश कुमार, संतोष यादव सहित दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी रहे.
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