किसानों के लिए बड़ी खबर: जिले में 2.50 लाख बोरी से ज्यादा यूरिया, अधिक पैसे मांगे तो रद्द होगा दुकानदार का लाइसेंस

बेतिया में यूरिया की 2.50 लाख से अधिक बोरी उपलब्ध है। कृषि विभाग ने कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Urea Stock West Champaran: खरीफ मौसम के बीच यूरिया की उपलब्धता को लेकर परेशान किसानों के लिए राहत की खबर है. पश्चिम चंपारण जिले में फिलहाल 2.50 लाख बोरी से अधिक यूरिया का भंडार उपलब्ध है. कृषि विभाग का दावा है कि किसानों को यूरिया की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने किसानों से यूरिया की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. साथ ही कहा है कि किसान निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक खरीदें.

ज्यादा कीमत मांगी तो तुरंत करें शिकायत

जिला कृषि पदाधिकारी के मुताबिक, यदि कोई उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत मांगता है तो किसान इसकी शिकायत कर सकते हैं. जबरन किसी दूसरे उत्पाद की खरीद के लिए बाध्य करने पर भी संबंधित विक्रेता के खिलाफ शिकायत की जा सकती है.

किसान कृषि समन्वयक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि कार्यालय को इसकी सूचना दे सकते हैं. जांच में शिकायत सही मिलने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द करने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

दुकान पर दिखाना होगा स्टॉक और कीमत

कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को बिक्री केंद्र पर सूचना-पट्ट लगाने का निर्देश दिया है. इस पर यूरिया की निर्धारित कीमत, उपलब्ध स्टॉक और वितरण का समय स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा.

विभाग ने यूरिया वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जा रही है.

अधिकारियों को देखते ही बंद हो गईं कई दुकानें

इधर, नरकटियागंज में जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर और सहायक निदेशक पौधा संरक्षण की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची. इस दौरान अधिकांश उर्वरक और कीटनाशी विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद कर दीं. दिनभर कई प्रतिष्ठान बंद रहे.

अधिकारियों की टीम ने दो दुकानों की गहन जांच की. हालांकि दुकानदारों के दुकानें बंद करने के कारणों को लेकर उनका पक्ष सामने नहीं आया है.

दो सप्ताह में 24 से अधिक विक्रेताओं पर कार्रवाई

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक पखवाड़े में जिले के दो दर्जन से अधिक उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है.

जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों के साथ अनियमितता, कालाबाजारी, टैगिंग या उपावंटन में हेराफेरी करने वाले खुदरा और थोक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. कृषि विभाग फिलहाल उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है.


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लेखक के बारे में

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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