जगदीशपुर क्षेत्र में बिना चिकित्सकीय डिग्री और आवश्यक अनुमति के संचालित निजी क्लीनिकों में बैठे झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है. बाजारों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई ऐसे क्लीनिक संचालित होने का आरोप है, जहां बिना वैध पंजीकरण के गंभीर बीमारियों का भी इलाज किया जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है.
कार्रवाई के दावों के बावजूद नहीं बदली स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की बातें जरूर होती हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है. हाल के दिनों में इलाज के दौरान मरीजों की तबीयत बिगड़ने और मौत जैसी घटनाओं की चर्चा के बाद भी व्यापक जांच अभियान नहीं चलाया गया. इससे अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं.
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बिना पंजीकरण और योग्य चिकित्सकीय डिग्री के क्लीनिक चलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
जल्द चलेगा जांच अभियान : पीएचसी प्रभारी
नौतन पीएचसी प्रभारी डॉ. अमरिश सिंह ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीम का गठन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जल्द ही जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
