नरकटियागंज में ऑपरेशन के दौरान नवविवाहिता की मौत पर हंगामा, अस्पताल सील

नगर के कृषि बाजार रोड अवस्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की गोरखपुर में मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जम कर हंगामा किया.

नरकटियागंज. नगर के कृषि बाजार रोड अवस्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की गोरखपुर में मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जम कर हंगामा किया. मृतक की पहचान चतुर्भुजवा गाव निवासी अखिलेश साह उर्फ छोटु कुमार की पत्नी प्रियंका देवी 22 वर्ष के रूप में की गई है. घटना के बाद आक्रोशित परिजन शव के साथ गोरखपुर से सीधे मंगलवार को इमरजेंसी हॉस्पिटल पहुंचे और शव रख प्रदर्शन किया. मौत की सूचना मिलने के बाद हाॅस्पीटल के संचालक समेत सभी कर्मी फरार हो गए. इस दौरान आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के संचालक को गिरफ्तार कर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गये. स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के विरूद्ध नारेबाजी भी की. करीब तीन घंटे तक शव रख कर प्रदर्शन किया. सूचना पर पहुंची शिकारपुर पुलिस टीम को आक्रोशित परिजनों को समझाने और भीड़ को शांत करने में कड़ी मशक्क्त करनी पड़ी. परिजनों में शामिल मृतक के चाचा हरेंद्र साह ने आरोप लगाया कि प्रियंका को दो जनवरी के दिन अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सिजेरियन के बाद प्रसूता ने एक बच्ची को जन्म दिया. चार जनवरी को स्थिति बिगड़ने पर उसे चिकित्सक ने बेतिया के हॉस्पिटल में रेफर कर दिया. जहां उसकी स्थिति बिगड़ने पर वें लोग उसे लेकर गोरखपुर गोरक्ष हॉस्पिटल में भर्ती कराए जहां उसने दम तोड़ दिया. आरोप है कि आरोपित चिकित्सक गोरखपुर तक पहुंच गया और अस्पताल के चिकित्सकों को 25 हजार रूपया देकर मौत का कारण हार्ट अटैक लिखवा दिया. जब वें लोग अपनी भतीजी का शव लेकर नरकटियागंज आ रहे थे तब भी चिकित्सक उन्हें एक डेढ़ लाख रूपया लेकर मामला रफा दफा करने की बात कर रहा था. इधर सूचना पर पहुंचें थानाध्यक्ष ज्वाला सिंह, एसआई संतोष कुमार राजेश कुमार के साथ सदल बल घटना स्थल पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया भेज दिया. —————– अवैध रूप से संचालित हो रहा था नर्सिंग होम, सील नगर के कृषि बाजार रोड अवस्थित इमरजेंसी हॉस्पीटल को सील कर दिया गया है. मंगलवार को अस्पताल उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार, डॉ प्रदीप शरण, स्वास्थ्य कर्मी नंदु सिंह के साथ हाॅस्पीटल पहुंचे और वहां पहले से इलाजरत लोगों को बाहर निकाल अस्पताल में भर्ती कराया. उपाधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ हॉस्पीटल का निरीक्षण किया और जांच पड़ताल की. इस दौरान हॉस्पीटल में पहले से भर्ती भभटा गांव निवासी रूस्तम आलम की पत्नी शबनम खातुन के परिजनों से टीम ने पूछताछ की जहां उसकी बहन अकलीमा खातुन ने बताया कि उसकी बहन का भी ऑपरेशन हुआ था. सोमवार को देर रात रेफर कर अस्पताल बंद करके चिकित्सक फरार हो गया. पुलिस पहुंची तो उन्हें निकाला गया है. बता दें की इमरजेंसी हॉस्पीटल को दुबारा सील किया गया है. इससे पहले 2 नवंबर 2021 को अवैध रूप से संचालन को लेकर अस्पताल सील किया गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >