नरकटियागंज में 63 हजार एकड़ गन्ने की खेती का सर्वे पूरा, रकबा घटने के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद

नरकटियागंज चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने की खेती का सर्वे पूरा हो गया है, जिसमें 63 हजार एकड़ रकबा शामिल है. रकबा पिछले साल की तुलना में कम होने के बावजूद, बेहतर फसल की उम्मीद से रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान है. किसानों को अपने सर्वे विवरण की जांच कर त्रुटि होने पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है.

West Champaran News: नरकटियागंज. चीनी मिल के अधीन आने वाले क्षेत्र में इस वर्ष गन्ने की खेती के रकबे का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है. अप्रैल से शुरू हुए सर्वे के बाद खेतों और गन्ने के रकबे से संबंधित विवरण मिल के डिस्प्ले बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है. किसानों को अपने खेत और रकबे से जुड़े विवरण की जांच करने तथा किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है.

63 हजार एकड़ में हुई गन्ने की खेती

मिल प्रबंधन के अनुसार, इस वर्ष मिल क्षेत्र में करीब 63 हजार एकड़ में गन्ने की खेती हुई है. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गन्ने का रकबा करीब छह हजार एकड़ कम हुआ है.

हालांकि, मिल प्रबंधन का कहना है कि रकबा कम होने के बावजूद पेराई सत्र पर इसका कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा. इस वर्ष गन्ने की फसल बेहतर होने के कारण रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद जतायी गयी है.

किसानों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका

सर्वे का विवरण डिस्प्ले बोर्ड पर चस्पा किये जाने के बाद किसानों को अपने खेत और गन्ने के रकबे की जानकारी देखने का अवसर दिया गया है. यदि किसी किसान को सर्वे के आंकड़ों में कोई त्रुटि मिलती है, तो वह निर्धारित अवधि में आपत्ति दर्ज करा सकता है.

मिल प्रबंधन के अनुसार अगले दो-चार दिनों में किसानों से प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

इसके बाद जारी होगा गन्ना आपूर्ति कैलेंडर

आपत्तियों के निष्पादन के बाद किसानों के लिए गन्ना आपूर्ति कैलेंडर जारी किया जाएगा. किसान इसी कैलेंडर के अनुसार निर्धारित समय पर चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति कर सकेंगे.

मिल प्रबंधन का कहना है कि पेराई सत्र के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं.

किसानों को हरसंभव सुविधा देने का दावा

चीनी मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि मिल में गन्ने की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं. किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार के साथ मिल प्रबंधन भी लगातार काम कर रहा है.

आधुनिक तकनीक से उत्पादकता बढ़ाने पर जोर

मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि पद्धतियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है. कार्यपालक अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र के किसान कड़ी मेहनत कर रहे हैं और इस बार गन्ने के रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है.

उन्होंने किसानों की मेहनत और बेहतर फसल को इस वर्ष के लिए सकारात्मक संकेत बताया.

रोगमुक्त गन्ने के लिए प्रशिक्षण

कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि इस वर्ष गन्ने की फसल अच्छी है. किसानों को अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ने की बुवाई के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि रोगमुक्त और बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है. इसका उद्देश्य गन्ने की उत्पादकता और किसानों की आय दोनों को बढ़ाना है.

बंधाई का काम जल्द पूरा करने की अपील

राजीव त्यागी ने उन किसानों से जल्द गन्ने की बंधाई पूरी करने की अपील की है, जिन्होंने अब तक यह काम नहीं किया है. उन्होंने कहा कि समय पर बंधाई करने से तेज हवा और अन्य कारणों से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है.

मौके पर गन्ना महाप्रबंधक केएस ढाका, उप प्रबंधक प्रेम सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

By सतीश कुमार पांडेय

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

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