पश्चिम चंपारण: नरकटियागंज डुमरिया पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव शंकर प्रसाद से जुड़े रिश्वत मामले की जांच तेज हो गयी है. निगरानी थाना कांड संख्या 92/26 में अनुसंधानकर्ता सह पुलिस निरीक्षक उदय कुमार सिंह मंगलवार को नरकटियागंज पहुंचे और मामले की जांच की.
पंचायत सचिव की सेवा पुस्तिका और हाजिरी बही मांगी
अनुसंधान में सहायता के लिए आईओ ने बीडीओ सूरज कुमार सिंह से तत्कालीन पंचायत सचिव शंकर प्रसाद की सेवा पुस्तिका, पदस्थापन एवं प्रभार से संबंधित प्रतिवेदन, योगदान पत्र और कार्य आवंटन आदेश की सत्यापित प्रति मांगी है.
आईओ ने 21 जुलाई 2026, 29 जुलाई 2025 और 5 अगस्त 2026 को पंचायत सचिव ड्यूटी पर उपस्थित थे या अवकाश पर, इससे संबंधित तिथियों की हाजिरी बही की सत्यापित प्रति भी मांगी है.
एजेंसी के चयन से काम से जुड़े दस्तावेज तक की जांच
जांच अधिकारी ने परिवादी परवेज कौशर की एजेंसी रेटिक्स इंटरप्राइजेज के चयन और पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं. इसके अलावा संबंधित कार्य के एकरारनामा, तकनीकी स्वीकृति, प्राक्कलन, प्रशासनिक स्वीकृति और कार्य पूर्ण होने से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र की सत्यापित प्रतियां भी जांच के लिए मांगी गयी हैं.
7.77 लाख का MB, 7.04 लाख का हुआ भुगतान
बताया जाता है कि नल-जल मरम्मती कार्य के लिए जेई की ओर से करीब 7.77 लाख रुपये का एमबी तैयार किया गया था. इसमें से करीब 7.04 लाख रुपये का भुगतान एजेंसी के खाते में किया गया था.
वहीं, शेष 73,625 रुपये के भुगतान के एवज में पंचायत सचिव पर रिश्वत मांगने का आरोप है.
मल्दहिया जनसहयोग शिविर से हुई थी गिरफ्तारी
मामले में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद की गिरफ्तारी 5 अगस्त को मल्दहिया जनसहयोग शिविर से की गयी थी. गिरफ्तारी के बाद अब निगरानी विभाग की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
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