साधु के भेष में छिपा कुख्यात डकैत सुरेन्द्र ठाकुर गिरफ्तार: चंपारण में कभी था आतंक का पर्याय, पुलिस ने दबोचा

साधु के भेष में छिपकर नेपाल सीमा पर सक्रिय कुख्यात डकैत सुरेन्द्र ठाकुर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ा. वर्षों से साधु का भेष बनाकर कर रहा था वारदातों को अंजाम.

कुख्यात अपराधी नरकटियागंज: पश्चिम चंपारण जिले के कुख्यात दस्यु सरगनाओं का शागिर्द रहा शातिर अपराधी सुरेन्द्र ठाकुर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. वह वर्षों से साधु का भेष धारण कर नरकटियागंज और पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में छिपकर रह रहा था. शिकारपुर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चमुआ चौक पर जाल बिछाकर उसे धर दबोचा.

गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के अनुसार, लंगड़ा निवासी सुरेन्द्र ठाकुर के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, लूट, अपहरण और डकैती जैसे संगीन मामले दर्ज हैं. न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट और कुर्की-जब्ती का आदेश भी निर्गत था.

मंगलवार को सूचना मिली कि वह साधु के चोले में चमुआ चौक पर देखा गया है. इसके बाद एसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फौरन छापेमारी की. पकड़े जाने पर उसने पहचान छिपाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन कड़ी पूछताछ के आगे टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया.

दस्यु गिरोहों के दौर का मुख्य चेहरा

वर्ष 2000 से 2007 के दौरान चंपारण में दस्यु सरगनाओं का खौफ चरम पर था:

  • गौनाहा प्रखंड का जम्हौली जंगल डकैतों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता था.
  • लाकड़ का प्रमोद चौधरी और दियारा का राजेन्द्र चौधरी गिरोह इलाके में सक्रिय थे.
  • सुरेन्द्र ठाकुर इन कुख्यात गिरोहों का सक्रिय सदस्य बनकर वारदातों को अंजाम देता था.

शिकारपुर और बलथर थाने में दर्ज मामलों में पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी. साधु के भेष में उसके पकड़े जाने से पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है.

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लेखक के बारे में

By सतीश कुमार पांडेय

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

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