पश्विमी चंपारण के साठी से कृष्ण कुमार राय की रिपोर्ट
laborers death ladakh: रोजगार की तलाश में लद्दाख गए पश्चिम चम्पारण जिले के दो राजमिस्त्रियों की काम के दौरान हुए एक भीषण हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना लद्दाख के यंथाग गांव लखिरी के पास की बताई जा रही है, जहां एक पुराने मकान की मरम्मत करने के दौरान यह हादसा हुआ. हादसे की खबर पैतृक गांव पहुंचते ही दोनों मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर है.
मलबे में दबने से मो. फारूक और ओजीर बैठा की गई जान
मृतकों की पहचान पश्चिम चम्पारण के मो. फारूक (पिता- कुरैश देवान) तथा साठी थाना क्षेत्र के बौद्ध टोला, लछनौता गांव (पोस्ट- धमाउरा) निवासी ओजीर बैठा (पिता- ईमाम मियां) के रूप में हुई है. दोनों राजमिस्त्री यंथाग गांव में एक मकान को ठीक करने का काम कर रहे थे. इसी बीच मकान की जर्जर दीवार और छत अचानक भरभराकर ढह गई. हादसा इतना अचानक और भयावह था कि दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे भारी मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए.
कमाऊ सदस्यों की मौत से परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
स्थानीय ग्रामीणों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर मलबा हटाने की कोशिश की, लेकिन जब तक दोनों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं. बताया जा रहा है कि दोनों मजदूर अपने-अपने घर के एकमात्र मुख्य कमाऊ सदस्य थे, जिनके कंधों पर पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी थी. ग्रामीण व परिवार के लोग दोनों के शव पहुंचने का इंजजार कर रहें हैं.
परिजनों ने की मुआवजे की मांग
इस हादसे ने गरीब परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है. ग्रामीणों और परिजनों ने बिहार सरकार व जिला प्रशासन से शवों को सुरक्षित पैतृक गांव लाने की व्यवस्था करने और पीड़ित परिवारों को उचित सरकारी मुआवजा देने की गुहार लगाई है.
