बगहा में मानव तस्करी पर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मां-बेटा दोषी करार, 13 जुलाई को सजा

पश्चिम चंपारण के बगहा में तीन नाबालिग बच्चियों की मानव तस्करी के प्रयास में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. मां-बेटे को दोषी करार दिया गया है. यह पश्चिम चंपारण में नए भारतीय न्याय संहिता के तहत मानव तस्करी का पहला निर्णय है.

Bagaha Trafficking Conviction:  पश्चिम चंपारण के बगहा पुलिस जिले के नौरंगिया थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग बच्चियों की मानव तस्करी के प्रयास के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने पश्चिम बंगाल निवासी नियोती देवी और उसके पुत्र नागेश भुइयां को दोषी करार दिया है. सजा के बिंदु पर सुनवाई 13 जुलाई को होगी. नए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के लागू होने के बाद चंपारण में मानव तस्करी के मामले में यह पहला निर्णय माना जा रहा है.

आरोप गठन से फैसले तक मात्र 24 दिन, स्पीडी ट्रायल से मिला न्याय

इस मामले में स्पीडी ट्रायल के तहत आरोप गठन से लेकर फैसला सुनाए जाने तक की प्रक्रिया मात्र 24 दिनों में पूरी की गई. 15 जून 2026 को अदालत ने दोनों आरोपितों पर आरोप तय किए थे. इसके बाद 22 जून को मानव व्यापार निरोधक इकाई की पुलिस पदाधिकारी रेशमी की गवाही से अभियोजन साक्ष्य की शुरुआत हुई. अनुसंधानकर्ता सहित अन्य गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रखा था और 9 जुलाई 2026 को दोषसिद्धि का फैसला सुनाया.

झाड़-फूंक का झांसा देकर थारू जनजाति की बच्चियों को ले जा रहे थे बंगाल

मामला 22 जनवरी 2026 का है. नौरंगिया थाना क्षेत्र में सूचना के आधार पर मानव व्यापार निरोधक इकाई और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन नाबालिग बच्चियों को पश्चिम बंगाल ले जाते समय नियोती देवी और नागेश भुइयां को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के अनुसार, आरोपित बच्चियों को बहला-फुसलाकर पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे. उनके पास से दो मोबाइल फोन और बगहा से आसनसोल जाने के रेल टिकट भी बरामद किए गए थे. अभियोजन पदाधिकारी जितेंद्र भारती ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपित भोले-भाले थारू जनजाति के लोगों को झाड़-फूंक व टोना-टोटका का झांसा देकर मानव तस्करी के जाल में फंसाते थे. बचाव पक्ष के अधिवक्ता इंदुभूषण पांडेय के तर्कों को खारिज करते हुए अदालत ने दोनों को दोषी पाया.

एक नजर में पूरा मामला

घटना की तिथि: 22 जनवरी 2026 (नौरंगिया थाना कांड संख्या: 05/2026)

  • आरोपपत्र दाखिल: 15 मार्च 2026
  • आरोप गठन और ट्रायल: 15 जून 2026 को आरोप तय, मात्र 24 दिनों में स्पीडी ट्रायल पूरा
  • दोषसिद्धि और सजा: 9 जुलाई 2026 को दोषसिद्धि, सजा पर सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी


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लेखक के बारे में

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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