West Champaran News: अनुमंडलीय अस्पताल में 25 जुलाई को आशा कार्यकर्ता और महिला सुरक्षा गार्ड के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है. साठी थाना क्षेत्र के मुरली गांव निवासी आशा कार्यकर्ता हमीदा खातून ने शिकारपुर थाना में आवेदन देकर अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड अंशु कुमारी पर मारपीट, गर्भवती महिला मरीज के साथ दुर्व्यवहार, चोरी और झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है.
Narkatiaganj News: गर्भवती बेटी के साथ दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
आवेदन में आशा कार्यकर्ता ने बताया कि वह अपनी गर्भवती बेटी हसीना खातून को जांच के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंची थीं. अस्पताल में भीड़ और गर्मी अधिक होने के कारण वह मरीजों की लाइन से कुछ दूरी पर खड़ी थीं. इसी दौरान महिला सुरक्षा गार्ड ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया. विरोध करने पर मारपीट, बाल पकड़कर जमीन पर गिराने तथा बीच-बचाव करने पहुंची गर्भवती बेटी के पेट में लात मारने का आरोप लगाया गया है. आशा कार्यकर्ता का दावा है कि घटना के बाद उनकी बेटी को चोट लगी और ब्लीडिंग शुरू हो गई.
रुपये और चांदी की पायल गायब होने का आरोप
आशा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके बैग से एक हजार रुपये नकद और करीब 20 भर चांदी की पायल गायब हो गई. उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन के अनुरोध पर उन्होंने तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी.
समझौते का प्रयास रहा विफल
बताया गया कि 31 जुलाई को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. आशा कार्यकर्ता ने महिला सुरक्षा गार्ड पर पूर्व में भी आशा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है.
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई प्राथमिकी
अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि मामले की विभागीय स्तर पर भी जांच कराई जाएगी.
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