Narkatiaganj River Rise: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल की पहाड़ी नदियों पर साफ दिखने लगा है. पंडई. हड़बोड़ा. मनियारी. बलोर. जमुआ. हलतलवी और खाहड़ समेत क्षेत्र की कई प्रमुख पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. जुलाई की शुरुआत में पानी की घोर किल्लत से जूझ रही इन नदियों में अब पर्याप्त पानी आने लगा है. जिससे स्थानीय किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. हालांकि. पानी के इस बढ़ते जलस्तर ने जहां एक तरफ राहत दी है. वहीं दूसरी तरफ आने वाले दिनों के लिए बाढ़ की चिंता भी बढ़ा दी है.
जुलाई में सूखी थीं नदियां, अब दोबारा लौटी रौनक
इस वर्ष मानसून की बेहद सुस्त शुरुआत और स्थानीय स्तर पर कम बारिश होने के कारण अधिकांश पहाड़ी नदियां सूखकर नालों की तरह सिमट गई थीं. इससे पूरे अनुमंडल क्षेत्र में सिंचाई का गंभीर संकट गहरा गया था और किसानों के लिए धान की रोपनी करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था. अब नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से इन नदियों में पानी का प्रवाह काफी बढ़ गया है. जिससे खेतों की सिंचाई की स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा है.
धान की रोपनी को मिलेगा सहारा, पंपसेट का खर्च हुआ कम
नदियों के किनारे और निचले इलाकों में खेती करने वाले किसानों को इस जलस्तर में बढ़ोतरी से सबसे अधिक राहत मिली है. अब वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पंपसेट के जरिए आसानी से नदियों से खेतों तक पानी पहुंचाकर धान की रोपनी कर सकेंगे. लंबे समय से बारिश और पानी का इंतजार कर रहे अन्नदाताओं के लिए यह बेहद राहत भरी खबर है. जिससे कृषि कार्यों में तेजी आई है.
बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क
गौरतलब है कि ये पहाड़ी नदियां हर साल बरसात के मौसम में उफान पर आकर नरकटियागंज के कई गांवों में तबाही और बाढ़ की स्थिति पैदा करती हैं. फिलहाल बढ़ता जलस्तर किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है. लेकिन यदि नेपाल में भारी बारिश जारी रही तो निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका है. मामले में एसडीएम अभिजीत कुमार गोविंदा ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. फिर भी नेपाल में हो रही बारिश के असर को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को एहतियात बरतने और सतर्क रहने का सख्त निर्देश जारी कर दिया गया है.
