Bettiah News: बेतिया का 200 साल पुराना अनोखा हनुमान मंदिर, जहां मूंगे की प्रतिमा का रंग बदलने की है मान्यता

बेतिया का प्राचीन हनुमान मंदिर आस्था और इतिहास का संगम है. यह मंदिर अपनी 200 साल पुरानी मूंगे की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसका रंग मौसम और समय के साथ बदलता है. हर मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है.

Bettiah News: पश्चिम चंपारण के बेतिया शहर के लाल बाजार और जोड़ा शिवालय रोड के समीप स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है. हर मंगलवार और शनिवार यहां सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं. जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.

बेतिया राज ने कराया था मंदिर का निर्माण

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है. इसका निर्माण तत्कालीन बेतिया राज द्वारा कराया गया था. वर्षों से यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.

मूंगे की प्रतिमा बनाती है मंदिर को खास

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित भगवान हनुमान की दुर्लभ प्रतिमा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि यह प्रतिमा शुद्ध मूंगे (कोरल) की चट्टान को तराशकर बनाई गई है.

श्रद्धालुओं के अनुसार दिन के अलग-अलग समय और मौसम के अनुसार प्रतिमा का रंग बदलता हुआ दिखाई देता है. कभी इसका रंग ऑफ-व्हाइट, कभी मटमैला तो कभी भूरा नजर आता है. इसी मान्यता के कारण दूर-दूर से लोग इस अनोखी प्रतिमा के दर्शन करने आते हैं.

नोट: प्रतिमा के रंग बदलने की बात स्थानीय धार्मिक मान्यता पर आधारित है. इसकी वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है.

मंगलवार को रहती है सबसे ज्यादा भीड़

मंगलवार और शनिवार को मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है. इस दौरान हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, आरती और प्रसाद वितरण किया जाता है. सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है.

आस्था और इतिहास का संगम

स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से यहां पूजा करने पर भगवान हनुमान भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. यही वजह है कि यह मंदिर आज भी बेतिया की प्रमुख धार्मिक पहचान और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है.


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लेखक के बारे में

Author: Ganesh kumar

Published by: Aaruni Thakur

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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