थारू गांव में होम स्टे को मिली गोल्ड श्रेणी की पहचान, पर्यटकों को मिलेगा चेंची-पीठा का स्वाद और लोकनृत्य का अनुभव

गोल्ड श्रेणी में सम्मानित होम स्टे संचालक संतोष कुमार काजी का वाल्मीकिनगर में भव्य स्वागत, थारू संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा।

Valmikinagar Homestay: वीटीआर से सटे आदिवासी बहुल संतपुर गांव में होम स्टे चलाने वाले संतोष कुमार काजी की उपलब्धि का शुक्रवार को पूरे गांव ने उत्सव मनाया. पर्यटन विभाग में गोल्ड श्रेणी में पंजीकृत होने पर मुख्यमंत्री से सम्मानित संतोष काजी जब गांव लौटे तो थारू कल्याण महासंघ ने उनके सम्मान में समारोह आयोजित किया.

समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया. लोगों ने इस उपलब्धि को संतपुर के साथ पूरे वाल्मीकिनगर क्षेत्र के पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया.

पटना में मिला था मुख्यमंत्री से सम्मान

13 जुलाई को पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में संतोष कुमार काजी को पर्यटन विभाग में गोल्ड श्रेणी में पंजीकृत होने पर मुख्यमंत्री की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था. वे मुख्यमंत्री सचिवालय के आमंत्रण पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

सम्मान लेकर गांव लौटने के बाद थारू समाज की ओर से उनका अभिनंदन किया गया. थारू कल्याण महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार प्रसाद के साथ पूर्व विधायक एवं जदयू के प्रदेश महासचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ने संतोष काजी को अंगवस्त्र और फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया.

होम स्टे से गांव में रोजगार की उम्मीद

धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आदिवासी बहुल गांव में आधुनिक सुविधाओं से युक्त होम स्टे की शुरुआत से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. इससे वाल्मीकिनगर में सामुदायिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

यह होम स्टे वन विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. यहां आने वाले पर्यटकों को केवल ठहरने की सुविधा ही नहीं, बल्कि स्थानीय थारू समाज की संस्कृति और खान-पान को करीब से जानने का अवसर भी मिलेगा.

थारू व्यंजन से लोकनृत्य तक का मिलेगा अनुभव

होम स्टे में पर्यटकों को थारू समुदाय के पारंपरिक व्यंजन चेंची, पीठा, भाक्का, छबका और पकली परोसे जाएंगे. रात्रि विश्राम करने वाले पर्यटक थारू लोकनृत्य, लोकगीत और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं का भी अनुभव कर सकेंगे.

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस तरह की पहल वीटीआर आने वाले पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों के साथ स्थानीय जनजीवन से भी जोड़ेगी. इससे वाल्मीकिनगर के इको-टूरिज्म और थारू संस्कृति को व्यापक पहचान मिलने की संभावना है.

सम्मान समारोह में एसडीएम चांदनी कुमारी, बीडीओ बिड्डू कुमार राम, एसएसबी 21वीं वाहिनी के कंपनी कमांडर लोकेश कुमार बनिया, राष्ट्रीय उपमहामंत्री जगदीश सोखईत और बीडीसी प्रतिनिधि प्रेम कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Aaruni Thakur

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