Bettiah Waterlogging Crisis: पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने शहर की सड़कों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी है. शहर की कई प्रमुख सड़कों और मोहल्लों में घुटने भर पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. इस जलजमाव के कारण सबसे अधिक परेशानी जीएमसीएच आने-जाने वाले गंभीर मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को उठानी पड़ रही है.
बंद मुख्य द्वार और वैकल्पिक मार्ग पर कीचड़ ने बढ़ाई मुसीबत
गौरतलब है कि अस्पताल रोड से जीएमसीएच में प्रवेश करने वाला मुख्य द्वार पिछले एक सप्ताह से सड़क निर्माण कार्य के कारण पूरी तरह बंद है. ऐसी स्थिति में अस्पताल आने वाले लोग रमना की ओर स्थित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं. लेकिन मुख्य द्वार के पास और इस वैकल्पिक रास्ते पर बारिश का पानी व कीचड़ जमा होने से मरीजों, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बेहद मुश्किल हो गई है. कई तीमारदारों को लाचारी में गंदे पानी से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है.
संत जेवियर्स स्कूल के बाहर ओवरफ्लो नाले का गंदा पानी
बारिश और ड्रेनेज सिस्टम फेल होने का असर शहर के अन्य हिस्सों में भी साफ दिखाई दे रहा है. आशा नगर स्थित संत जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर भारी जलजमाव से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अभिभावक संदीप श्रीवास्तव, प्रकाश शर्मा, अतुल कुमार, विनोद वर्मा और अबुल हसन ने बताया कि यह समस्या केवल बरसात की नहीं है. जब भी नाले का पानी ओवरफ्लो होता है, स्कूल के पास जलजमाव हो जाता है.
मीना बाजार से लाल बाजार तक सड़कें बनीं तालाब
वहीं राजदेवढ़ी, नजरबाग पार्क से लाल बाजार जाने वाले मार्ग, उतरवारी पोखरा के समीप, कमलनाथ नगर तथा मीना बाजार क्षेत्र में भी सड़कें जलमग्न और कीचड़मय हो गई हैं. विशेष रूप से मीना बाजार की मुख्य सड़क पर कीचड़ फैलने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों का धंधा मंदा पड़ गया है. शहरवासियों ने नगर निगम से जलजमाव वाले स्थानों से तत्काल पानी निकलवाने और नालों की सफाई कराने की मांग की है.
