गंडक नदी कटाव: बगहा के नदी थाना क्षेत्र अंतर्गत चिउरही पंचायत में गंडक नदी का भीषण कटाव जारी है. कटाव की ताजा जद में आकर 7.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित कचरा भवन पूरी तरह गंडक नदी में विलीन हो गया. भवन के नदी में समाने के बाद फिलहाल कटाव की रफ्तार कुछ थमी है. इधर, गंडक के जलस्तर में गिरावट आने के कारण जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ने कटाव निरोधी (फ्लड फाइटिंग) कार्य को अगले आदेश तक रोक दिया है.
जलस्तर घटने से कटाव रुका, जेई कर रहे निगरानी
विभागीय बाढ़ विशेषज्ञ अशोक कुमार केसरी के निर्देश पर फ्लड फाइटिंग का कार्य स्थगित किया गया है:
- जलस्तर में भारी कमी: सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि रविवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 54 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया.
- मौके पर तैनाती: नदी के रुख को देखते हुए कनीय अभियंता पप्पू कुमार और राजेश कुमार कटाव स्थल पर लगातार कैंप कर निगरानी रख रहे हैं.
अब तक 70 घर, स्कूल बाउंड्री व 500 एकड़ फसल तबाह
चिउरही पंचायत में गंडक नदी पूर्व में भी भारी तबाही मचा चुकी है:
- सरकारी संपत्तियां विलीन: प्राथमिक विद्यालय उर्दू की बाउंड्री, पैक्स गोदाम और सात निश्चय योजना की पानी टंकी पहले ही नदी में समा चुकी है.
- सड़क व घर कटे: करीब एक किलोमीटर पक्की सड़क और 70 से अधिक आशियाने कटकर बह गए हैं.
- फसलें बर्बाद: लगभग 500 एकड़ में लगी धान और गन्ने की लहलहाती फसल नदी में समा गई.
पॉलीथिन शीट के सहारे जिंदगी, बासगीत पर्चे की मांग
कटाव पीड़ितों का दर्द है कि घर और उपजाऊ जमीन गंवाने के बावजूद उन्हें अब तक बासगीत पर्चा नहीं मिला है. नैनहा चेकपोस्ट के पास सरकारी जमीन अधिग्रहण को लेकर एसडीएम चांदनी कुमारी ने मधुबनी सीओ नंदलाल राम को निर्देश दिए हैं, लेकिन पीड़ितों को अब तक सिर्फ पॉलीथिन शीट ही नसीब हो सकी है.
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