गंडक में रात 11 बजे 1.50 लाख क्यूसेक पानी, पांच घंटे में 68,400 क्यूसेक घटा डिस्चार्ज, निचले इलाकों में राहत

गंडक नदी के जलस्तर में 26 अगस्त को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे बाढ़ की चिंता बढ़ गई थी. हालांकि, रात में डिस्चार्ज में आई कमी से नदी किनारे बसे निचले इलाकों को फिलहाल राहत मिली है.

Bihar Flood News: गंडक नदी के जलस्तर में 26 अगस्त की दोपहर से देर रात तक लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर दोपहर 1 बजे 1,03,800 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जो शाम 4 बजे बढ़कर 1,50,200 क्यूसेक पहुंच गया. रात 11 बजे भी डिस्चार्ज 1,50,200 क्यूसेक रहा. इसके बाद पानी के रुख में तेजी से बदलाव आया और महज पांच घंटे में करीब 68,400 क्यूसेक की कमी दर्ज की गयी.

शाम 4 बजे अचानक बढ़ा गंडक का डिस्चार्ज

26 अगस्त को दोपहर 1 बजे गंडक बराज पर 1,03,800 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था. इसके बाद दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 1,06,100 और दोपहर 3 बजे 1,10,700 क्यूसेक हो गया.

शाम 4 बजे डिस्चार्ज में अचानक बड़ी वृद्धि हुई और यह 1,50,200 क्यूसेक पहुंच गया. इसके बाद शाम 5 बजे पानी घटकर 1,09,000 क्यूसेक हो गया.

रात में फिर लगातार बढ़ता रहा पानी

शाम के बाद गंडक का डिस्चार्ज एक बार फिर बढ़ने लगा. शाम 5:30 बजे 1,06,600 और शाम 6 बजे 1,04,400 क्यूसेक दर्ज किया गया. रात 8:30 बजे यह बढ़कर 1,14,000 क्यूसेक हो गया.

इसके बाद रात 9 बजे 1,26,500, 9:30 बजे 1,36,700 और रात 10 बजे 1,42,100 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया. रात 10:30 बजे डिस्चार्ज 1,47,500 क्यूसेक और रात 11 बजे 1,50,200 क्यूसेक पहुंच गया.

रात 11 बजे के बाद बदला नदी का रुख

26 अगस्त की रात 11 बजे तक 1,50,200 क्यूसेक पर पहुंचा डिस्चार्ज रात 11:30 बजे भी इसी स्तर पर रहा. इसके बाद नदी के पानी में तेजी से गिरावट शुरू हुई.

27 अगस्त की रात 1 बजे डिस्चार्ज घटकर 1,29,000 क्यूसेक रह गया. यानी करीब दो घंटे में ही 21,200 क्यूसेक की कमी दर्ज की गयी.

सुबह 4 बजे 81,800 क्यूसेक रह गया पानी

गंडक के डिस्चार्ज में गिरावट का सिलसिला रात के बाद भी जारी रहा. सुबह 3:30 बजे पानी घटकर 83,900 क्यूसेक रह गया. इसके करीब आधे घंटे बाद सुबह 4 बजे डिस्चार्ज और घटकर 81,800 क्यूसेक दर्ज किया गया.

रात 11 बजे के 1,50,200 क्यूसेक डिस्चार्ज की तुलना में सुबह 4 बजे करीब 68,400 क्यूसेक की कमी दर्ज की गयी.

बाढ़ की आशंका के बीच किनारे बसे इलाकों को राहत

गंडक के पानी में इस तेजी से आयी गिरावट से नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ की आशंका के बीच फिलहाल राहत की स्थिति बनी है. रात में पानी बढ़ने के बाद जिन क्षेत्रों में चिंता बढ़ गयी थी, वहां सुबह डिस्चार्ज कम होने से लोगों को कुछ राहत मिली.

हालांकि नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी जरूरी बनी हुई है.

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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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