Valmiki Tiger Reserve News: वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त पर निकला एक वनकर्मी ही शिकारियों के बिछाए करंट ट्रैप की चपेट में आ गया. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के गोनौली वन क्षेत्र में हुई इस घटना में वनकर्मी रामा यादव का एक हाथ गंभीर रूप से झुलस गया. हादसे के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया.
घायल वनकर्मी को पहले वाल्मीकिनगर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बगहा और फिर बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर किया गया.
रात्रि गश्त के दौरान हुआ हादसा
वन विभाग के अनुसार, रामा यादव नियमित रात्रि गश्ती पर थे. इसी दौरान जंगल में वन्यजीवों के अवैध शिकार के लिए बिछाए गए बिजली प्रवाहित जीआई तार के संपर्क में आने से उन्हें करंट लग गया.
मौके पर मौजूद अन्य वनकर्मियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया.
शुरुआती जांच में करंट ट्रैप की पुष्टि
गोनौली वन क्षेत्र के रेंजर राजकुमार पासवान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे शिकारियों द्वारा बिछाए गए करंट ट्रैप की पुष्टि हुई है.
उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. दोषियों की पहचान होने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
लंबे समय से बनी हुई है बड़ी चुनौती
वीटीआर में करंट लगाकर वन्यजीवों का शिकार लंबे समय से वन विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.
वन विभाग के अनुसार, शिकारी जंगल से सटी बिजली लाइनों में हुकिंग कर नंगे तार बिछा देते हैं. इनकी चपेट में आकर हिरण, जंगली सूअर, नीलगाय समेत कई वन्यजीवों की मौत हो चुकी है.
पांच वर्षों में एक दर्जन से अधिक वन्यजीवों की गई जान
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में ऐसे करंट ट्रैप की वजह से एक दर्जन से अधिक वन्यजीवों की मौत हो चुकी है.
ताजा घटना के बाद वन विभाग ने करंट ट्रैप लगाने वालों की पहचान तेज कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
