वाल्मीकिनगर: वनकर्मी की जांबाजी से बची अधेड़ की जान, बाघ से भिड़कर अकलू यादव को सुरक्षित निकाला

वाल्मीकिनगर में वनकर्मी जुनेद आलम ने अपनी जान जोखिम में डालकर बाघ के हमले से एक ग्रामीण को सुरक्षित बचाया। उनकी बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है।

Valmikinagar Tiger Rescue: वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में एक वनकर्मी की अदम्य बहादुरी और त्वरित सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया. जंगल में एक अधेड़ पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया. चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे वनकर्मी ने निडरता का परिचय देते हुए बाघ को पीछे खदेड़ दिया और गंभीर रूप से घायल अधेड़ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

बाघ के चंगुल से ऐसे बची अकलू यादव की जान

जानकारी के अनुसार अकलू यादव पर अचानक बाघ ने हमला बोल दिया था. बाघ के हमले से घायल अकलू यादव की चीख-पुकार सुनते ही पास में ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी जुनेद आलम बिना गंवाए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. मौके पर पहुंचकर उन्होंने अद्भुत साहस का परिचय दिया और बाघ को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.

घटनाक्रम और जांबाजी का विवरण:

  • जांबाज वनकर्मी: ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी जुनेद आलम ने अदम्य साहस दिखाया.
  • त्वरित रेस्क्यू: बाघ को खदेड़कर गंभीर रूप से घायल अकलू यादव को चंगुल से छुड़ाया.
  • अस्पताल में इलाज जारी: स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

पूरे क्षेत्र में वनकर्मी जुनेद आलम की सराहना

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि वनकर्मी पहुंचने में थोड़ी भी देर करते तो हादसा जानलेवा हो सकता था. जुनेद आलम की इस वीरता और कर्तव्यनिष्ठा की पूरे इलाके में जमकर तारीफ हो रही है. यह घटना वनकर्मियों की सतर्कता और साहस का मिसाल बन गई है.

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By Prabhat khabar news desk

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