Valmikinagar News: वाल्मीकिनगर. थाना क्षेत्र के संतपुर गांव में वन्यजीवों से हुई क्षति के मामलों में वन विभाग की ओर से तीन पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा राशि दी गयी. वन क्षेत्र पदाधिकारी सत्यम कुमार ने विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजेश काजी, लीलावती देवी और रिंकू देवी को मुआवजा राशि सौंपी. मुआवजा मिलने से प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत मिली है.
संतपुर के तीन पीड़ित परिवारों को मिला मुआवजा
वन्यजीवों से हुई क्षति के मामलों में विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन परिवारों को मुआवजा उपलब्ध कराया गया. वन क्षेत्र पदाधिकारी सत्यम कुमार ने राजेश काजी, लीलावती देवी और रिंकू देवी को नियमानुसार राशि सौंपी. राशि मिलने के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिली.
स्थल निरीक्षण और जांच के बाद दी जाती है राशि
वन विभाग के अनुसार वन्यजीवों से होने वाली क्षति के मामलों में स्थल निरीक्षण और आवश्यक जांच की जाती है. जांच में पात्र पाये जाने वाले लाभुकों को विभागीय प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जाता है. इसी प्रक्रिया के तहत विभागीय टीम संतपुर गांव पहुंची और तीनों परिवारों को मुआवजा राशि उपलब्ध करायी.
मुआवजा वितरण के दौरान ग्रामीण रहे मौजूद
मुआवजा वितरण के दौरान वनपाल, वनरक्षी, संतपुर गांव के गुमाश्ता और ईडीसी अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से वन क्षेत्र और गांव के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की अपील की.
जंगल के आसपास अकेले नहीं जाने की दी सलाह
वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अकेले जंगल की ओर जाने से बचें. यदि किसी वन्यजीव की मौजूदगी दिखाई दे तो उसके करीब जाने या उसे परेशान करने की कोशिश न करें. वन्यजीवों से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने की सलाह दी गयी.
ग्रामीणों और वन विभाग के बीच समन्वय पर जोर
रेंजर सत्यम कुमार ने कहा कि वाल्मीकिनगर और आसपास के सीमावर्ती गांव जंगल से सटे हुए हैं. ऐसे क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है.
ये भी पढ़ें: बगहा में एसपी का औचक निरीक्षण, लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश
