Bettiah News: किसी की शिकायत जमीन विवाद को लेकर थी तो कोई पेंशन, राशन कार्ड और आवास की समस्या लेकर पहुंचा था. शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिले के अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान कुल 82 मामलों की सुनवाई हुई.
कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया. जिन मामलों का तत्काल निपटारा नहीं हो सका, उन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
जनसुनवाई में किन समस्याओं को लेकर पहुंचे लोग?
जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन कार्ड से संबंधित शिकायतें सामने आईं.
इसके अलावा बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट और सड़क निर्माण व मरम्मत जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर भी लोगों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी बात रखी.
अधिकारियों को मिला समय पर समाधान का निर्देश
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने शिकायतों के समाधान में निष्पक्षता, गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया. साथ ही स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे फरियादी
जनसुनवाई में उज्ज्वल कुमार पाण्डेय, प्रियंका देवी, हीरालाल चौधरी, मोहन कुमार, राजेन्द्र मिश्रा, भिखम राम, संजय राव, मुकेश राम, रौशन जहां, फुलिया देवी, चुन्नू कुमार, माखन यादव, चन्द्रदेव राम, केशव राय और जग्रनाथ प्रसाद समेत बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं.
यह जनसुनवाई राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' के तहत संचालित 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान का हिस्सा है. इसका उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी बनाना है.
जनसुनवाई के दौरान जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे. जिन शिकायतों का मौके पर समाधान नहीं हो सका, उनके निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
