Sugarcane Farming: नरकटियागंज नगर से सटे मंझरिया गांव में शुक्रवार को किसान मोहम्मद अनवारुल के एक एकड़ खेत में सीओ-118 प्रभेद के रोगमुक्त गन्ने की मानसून बुआई की गयी. नरकटियागंज क्षेत्र में पहली बार मानसून में रोगमुक्त गन्ने की बुआई होने से किसान समेत आसपास के किसानों में उत्साह देखा गया. खेत में फीता काटकर बुआई कार्य का उद्घाटन मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी ने किया. मौके पर गन्ना महाप्रबंधक केएस ढाका, गन्ना उप प्रबंधक प्रेम सिंह, सहायक नागेंद्र सिंह, दिनेश सिंह समेत किसान रफी अहमद, राजेश मिश्र, गुफरान अली, इरफान अली व सरवन चौधरी मौजूद रहे.
अप्रैल में तैयार गन्ने से किसानों को मिलेगा रोगमुक्त बीज
कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि नरकटियागंज में पहली बार मानसून के दौरान रोगमुक्त गन्ने की बुआई की जा रही है. मिल प्रबंधन किसानों के साथ मिलकर ‘जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान’ के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि किसान अनवारुल हक ने एक एकड़ में 500 क्विंटल गन्ना उत्पादन का लक्ष्य रखा है. साथ ही खेत में आलू की खेती भी की जाएगी, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी. अप्रैल में तैयार होने वाले गन्ने को बीज के रूप में किसानों के बीच वितरित किया जाएगा.
धान से 40-50 हजार, गन्ना-आलू से दो से ढाई लाख की उम्मीद
किसान मोहम्मद अनवारुल ने बताया कि पहले इसी एक एकड़ खेत में धान की खेती से 40 से 50 हजार रुपये तक की आमदनी होती थी. अब गन्ना और आलू की खेती से दो से ढाई लाख रुपये तक की आमदनी का लक्ष्य है. उन्होंने मानसून में गन्ने की बुआई की पहल के लिए मिल प्रबंधन और कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी को प्रेरणास्रोत बताया.
अक्टूबर-फरवरी के इंतजार से मिली राहत
किसान अनवारुल ने कहा कि पहले किसान अक्टूबर और फरवरी के प्लांटेशन का इंतजार करते थे, लेकिन अब मानसून में ही गन्ने की बुआई शुरू हो गयी है. इससे समय का बेहतर उपयोग होने के साथ उत्पादन और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है. मिल प्रबंधन के अनुसार मानसून प्लांटेशन क्षेत्र के किसानों के लिए खेती की नई संभावनाएं खोल सकता है.