मधुबनी. बरवा-पचरुखिया पुल, जो बांसी नदी पर स्थित है, लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा हुआ था. पुल की खराब स्थिति के कारण भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित है. वहीं छोटे वाहन और पैदल राहगीर भी जान जोखिम में डालकर पुल पार करने को मजबूर थे. इस समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों में लगातार चिंता बनी हुई थी. पुल निर्माण के लिए अब स्वीकृति मिल जाने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है. क्षेत्रीय ग्रामीणों के साथ-साथ प्रखंड प्रमुख विजया सिंह द्वारा ने इस समस्या को गंभीरता से उठाते हुए पडरौना सदर विधायक मनीष जायसवाल को पुल की जर्जर स्थिति से अवगत कराया था. उन्होंने लिखित रूप से भी पुल निर्माण की मांग रखी और चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं हुआ तो यहां कभी भी बड़ी और भयावह घटना हो सकती है. वही विधायक मनीष जायसवाल ने इस मुद्दे को उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के समक्ष रखा. विधायक की पहल और प्रयास से नए वर्ष में पुल निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. यह पुल 2.72 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपी गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण से आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी. बच्चों को स्कूल जाने में सुविधा होगी, व्यापारियों को रोजगार से जुड़ने में आसानी होगी और सेमरा, लक्ष्मीपुर, कटकुईया सहित आसपास के इलाकों की दूरी कम हो जाएगी. सबसे बड़ी बात यह है कि लोगों को अब किसी प्रकार का खतरा नहीं रहेगा. इस उपलब्धि पर समाजसेवी प्रदीप ठाकुर, रामाकांत यादव, मोहन साह, बरवा पंचायत के मुखिया सिकंदर यादव, मुखिया ध्रुव गुप्ता, शिक्षक बंधु गोंड, शहाबुद्दीन अंसारी सहित अन्य लोगों ने विधायक मनीष जायसवाल और प्रमुख की प्रयासों की सराहना की.
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