नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन: नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर और रक्सौल रेलखंड का पूर्ण विद्युतीकरण होने के बावजूद इस मार्ग पर डीजल इंजन से पैसेंजर ट्रेन का परिचालन जारी है. नरकटियागंज से सुबह 7:35 बजे खुलकर बेतिया और सगौली के रास्ते सुबह 10:05 बजे रक्सौल पहुंचने वाली 75236 डीईएमयू ट्रेन आज भी पूरी तरह डीजल से चलाई जा रही है. पूरे रेलखंड के विद्युतीकृत होने के बाद भी करोड़ों के ईंधन खर्च और प्रदूषण को लेकर रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
महज 88 किमी के सफर में लग रहे तीन घंटे
नरकटियागंज से रक्सौल के बीच करीब 88 किलोमीटर की दूरी तय करने में इस पैसेंजर ट्रेन को लगभग तीन घंटे का समय लग जाता है. इतनी कम दूरी के सफर में अत्यधिक समय लगने से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्र-छात्राओं को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों ने मांग की है कि इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाकर समय-सारणी में सुधार किया जाए.
समस्या के मुख्य बिंदु:
- विद्युतीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी रूट पर नहीं बदली व्यवस्था.
- डीजल इंजन से परिचालन के कारण रेलवे को प्रतिदिन उठाना पड़ रहा भारी ईंधन खर्च.
- धीमी रफ्तार और अधिक समय लगने से दैनिक यात्रियों को हो रही भारी असुविधा.
- इलेक्ट्रिक ट्रेन के परिचालन और समय कटौती की लगातार उठ रही मांग.
उच्च स्तर से ही होगा निर्णय: रेल अधिकारी
इस मामले में स्थानीय रेल अधिकारियों का कहना है कि रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने का निर्णय उच्च प्रशासनिक स्तर से ही लिया जा सकता है. स्थानीय स्तर पर परिचालन बदलाव का अधिकार नहीं है. यात्रियों को अब इस दिशा में रेलवे बोर्ड और वरीय अधिकारियों द्वारा ठोस पहल का इंतजार है.
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