Valmikinagar News: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर और जलप्रवाह में उतार-चढ़ाव जारी है. इसे देखते हुए केंद्रीय जल आयोग (CWC) की टीम ने गुरुवार को वाल्मीकिनगर पहुंचकर भारत-नेपाल सीमा से सटे गंडक नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया. टीम ने नदी के जलस्तर, प्रवाह और निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया. अधिकारियों ने फिलहाल स्थिति सामान्य बताते हुए नेपाल में बारिश को देखते हुए सतर्कता बरतने पर जोर दिया.
नेपाल की बारिश से बढ़ा गंडक का जलप्रवाह
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण वाल्मीकिनगर गंडक बराज से गंडक नदी में पानी के प्रवाह में लगातार बदलाव हो रहा है. नदी का जलप्रवाह बढ़कर करीब 1.58 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था.
हालांकि, अब जलप्रवाह में गिरावट का रुख है. गुरुवार को दोपहर 3 बजे करीब 1.52 लाख क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया. अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि जलप्रवाह में और कमी आने की संभावना है.
CWC टीम ने लिया नदी का जायजा
केंद्रीय जल आयोग की टीम ने भारत-नेपाल सीमा से सटे गंडक नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने नदी के जलस्तर और प्रवाह की स्थिति की जानकारी ली.
टीम ने बाढ़ की स्थिति का समय रहते आकलन करने के लिए जलस्तर निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की. अधिकारियों ने निगरानी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने पर जोर दिया.
हर घंटे रिकॉर्ड होगा जलस्तर
अधिकारियों के अनुसार, गंडक नदी के जलस्तर का हर घंटे रिकॉर्ड लिया जा रहा है. जलप्रवाह में होने वाले संभावित बदलावों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है.
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की स्थिति को देखते हुए नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित निगरानी करने की बात कही गई.
फिलहाल खतरे की स्थिति नहीं
सीडब्ल्यूसी के अनुसार, फिलहाल गंडक नदी चेतावनी स्तर से काफी नीचे बह रही है और खतरे जैसी स्थिति नहीं है. हालांकि, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है.
अधिकारियों ने संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्कता बनाए रखने और जलप्रवाह से जुड़ी सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की बात कही.
भारत-नेपाल के बीच सूचना साझा करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में नेपाल की ओर से आने वाले जलप्रवाह और उसके संभावित प्रभावों पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने बाढ़ नियंत्रण के लिए दोनों देशों के बीच जलप्रवाह से संबंधित सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान जरूरी बताया.
मौके पर मंडलीय अभियंता मो. आमिर वारसी, विश्व मरदन शाह सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे.
यह भी पढ़ें: सावन खत्म होते ही चंपारण में चढ़ा मटन का खुमार, मिट्टी की हांडी से देश-दुनिया तक पहुंचा स्वाद
