चनपटिया से अजय चौबे की रिपोर्ट
Bettiah News: चनपटिया के चिरान चौक से सिसवनिया जाने वाली सड़क पर शनिवार रात कराई गई पैचिंग का कार्य रविवार सुबह तक भी नहीं टिक सका. सुबह होते ही सड़क के कई हिस्सों में डाली गई सामग्री उखड़कर बिखर गई. सड़क की यह स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से बदहाल सड़क की मरम्मत का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन जिस पैचिंग से राहत की उम्मीद थी, वह एक रात भी नहीं टिक सकी.
चार साल से मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021 में इस सड़क का निर्माण कराया गया था. निर्माण के बाद से सड़क की नियमित मरम्मत या रखरखाव नहीं किया गया. समय के साथ सड़क कई जगहों पर टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है. सड़क पर जलजमाव और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
सुबह होते ही सामने आ गई पैचिंग की हकीकत
शनिवार रात सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर पैचिंग का काम कराया गया था. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सड़क की स्थिति में कुछ सुधार होगा.
लेकिन रविवार सुबह जब लोग सड़क पर पहुंचे तो कई स्थानों पर पैचिंग उखड़ी हुई मिली. कहीं गिट्टी बिखरी थी तो कहीं डाली गई सामग्री सड़क से अलग हो चुकी थी. इसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पैचिंग का कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो वह कुछ घंटों में नहीं उखड़ता.
गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है. उनका कहना है कि संबंधित विभाग और एजेंसियों की निगरानी मजबूत होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती. लोगों ने सड़क की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है.
संवेदक ने क्या कहा
मामले में संवेदक अशोक तिवारी ने बताया कि सड़क के मेंटेनेंस की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है. उन्होंने कहा कि यह पूर्व का लंबित कार्य था, जिसे पूरा कराया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वे बाहर हैं और लौटने के बाद मौके का निरीक्षण करेंगे.
विभाग करेगा जांच
ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता रवि रंजन ने बताया कि सोमवार को स्थल निरीक्षण किया जाएगा. निरीक्षण के दौरान पैचिंग कार्य की स्थिति और गुणवत्ता की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
अब कार्रवाई का इंतजार
एक रात में उखड़ गई पैचिंग ने सड़क निर्माण और रखरखाव व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि केवल औपचारिक मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण कार्य की जरूरत है. अब लोगों की नजर विभागीय जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
