हरनाटांड़. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में मदनपुर में निर्मित ””गेटवे ऑफ वीटीआर”” लगभग बनकर तैयार हो चुका है. लेकिन कुछ कार्य अधूरा होने के कारण नए साल की पहले सप्ताह में उद्घाटन नहीं हो सका. लेकिन उम्मीद है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक कैफेटेरिया गेटवे ऑफ वीटीआर की सौगात पर्यटकों को मिल सकती है. करीब 3.13 करोड़ रुपये की लागत से 0.548 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह आधुनिक प्रवेश द्वार नए साल के पहले सप्ताह में पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी था. इस परियोजना का उद्देश्य वाल्मीकिनगर आने वाले सैलानियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक प्रवेश अनुभव प्रदान करना है. इको-पर्यटन योजना के तहत दो वर्ष पूर्व स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है.
कार्य पूर्ण होते ही खोल दिया जाएगा परिसर
””गेटवे ऑफ वीटीआर”” परिसर में आधुनिक सूचना केंद्र, कैफेटेरिया, वाहन पार्किंग, पर्यटकों के बैठने की सुविधा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की गयी है. परिसर में हरियाली, फूल-पौधों और सौंदर्यीकरण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है. पर्यटकों और वाहनों के लिए प्रस्तावित पार्किंग स्थल भी पूरी तरह तैयार है. परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार फिलहाल बिजली, पानी और कुछ फिनिशिंग कार्य शेष हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा किया जा रहा है. कार्य पूर्ण होते ही परिसर को संचालन के लिए खोल दिया जाएगा.रोजगार और व्यवसाय के मिलेंगे नए अवसर
इस संबंध में बगहा वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार ने बताया कि भवन से जुड़े आंतरिक कार्य, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण लगभग पूर्ण हो चुके हैं. विभाग का लक्ष्य है कि नए साल के जनवरी में कैफेटेरिया गेटवे ऑफ वीटीआर को पर्यटकों के लिए औपचारिक रूप से खोल दिया जाए. पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि कैफेटेरिया गेटवे ऑफ वीटीआर के शुरू होने से नहीं केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिलेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
