West Champaran News: बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड अंतर्गत बेलाटांडी स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने की तैयारी है. इसी सिलसिले में बिहार महादलित विकास मिशन के निदेशक गौतम पासवान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को विद्यालय का निरीक्षण किया. टीम ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक सुधार को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश दिए.
निरीक्षण टीम में मिशन के समन्वयक सदस्य प्रशांत कुमार और प्रदीप कुमार मिश्रा शामिल थे. इस दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी प्रदीप कुमार तथा विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मनीष राज भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने विद्यालय में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उनकी स्थिति की जानकारी ली.
CBSE संबद्धता को लेकर विद्यालय का निरीक्षण
विद्यालय का निरीक्षण CBSE संबद्धता की तैयारी के तहत किया गया. टीम ने वर्ग संचालन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और विद्यालय की आधारभूत संरचना का जायजा लिया. इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए संचालित जीविका रसोई की व्यवस्था भी देखी गयी.
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों ने जानकारी ली. टीम की ओर से विद्यालय की व्यवस्था में जरूरी सुधार के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया.
भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुरूप हो रहा संचालन
बिहार महादलित विकास मिशन के निदेशक गौतम पासवान ने बताया कि विद्यालय का संचालन भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है. निरीक्षण के बाद उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी को विद्यालय की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा.
विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गयी.
प्लस टू तक 442 सीट, 100 विद्यार्थी अध्ययनरत
बेलाटांडी स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में प्लस टू तक कुल 442 सीट निर्धारित हैं. वर्तमान में विद्यालय में 75 बालिकाएं और 25 बालक अध्ययनरत हैं.
पश्चिम चंपारण के अलावा जमुई जिले के आस्था में भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित है. वहीं कैमूर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है.
दुर्गम रास्ते में फंसी अधिकारियों की गाड़ियां
विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता अब भी काफी दुर्गम बताया गया है. निरीक्षण के दौरान टीम के अधिकारियों और अन्य पदाधिकारियों की गाड़ियां रास्ते में ही फंस गयीं. काफी मशक्कत के बाद वाहनों को बाहर निकाला जा सका.
विद्यालय के इस रास्ते की स्थिति को लेकर स्थानीय अभिभावकों ने सरकार से बेहतर सड़क निर्माण कराने की मांग की है. अभिभावकों का कहना है कि सड़क की स्थिति सुधरने से विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ विद्यालय आने-जाने वाले अन्य लोगों को भी सुविधा होगी.
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