बेतिया: सहयोग पोर्टल के लंबित मामलों पर प्रशासन सख्त, 9 सीओ से जवाब-तलब

पश्चिम चंपारण में सहयोग पोर्टल पर लंबित 52 मामलों को लेकर प्रशासन ने नौ अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. समय पर निष्पादन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. पढ़ें पूरी खबर…

बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट

Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले में सहयोग पोर्टल पर अपलोड किए गए आवेदनों के निष्पादन में हो रही देरी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. निर्धारित समय सीमा के बावजूद कार्रवाई नहीं करने पर जिले के नौ अंचल अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक गई है.

अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा ने चनपटिया, सिकटा, रामनगर, पिपरासी, नरकटियागंज, मझौलिया, बगहा-दो, भितहां और लौरिया के अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है.

52 मामलों में नहीं हुई कार्रवाई

अपर समाहर्ता कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि सहयोग शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों का निष्पादन उसी दिन अथवा निर्धारित अवधि के भीतर किया जाना था, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा अब तक 52 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की गई.

इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित अंचल अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

चनपटिया अंचल में सबसे अधिक मामले लंबित

सहयोग पोर्टल पर अपलोड किए गए मामलों में सबसे अधिक लंबित आवेदन Chanpatia अंचल के पाए गए हैं. इनमें अधिकांश मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े हैं.

प्रशासन ने इन मामलों के निष्पादन के लिए 19 से 21 दिनों की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है.

कई आवेदकों के मामले अटके

लंबित मामलों में अखलाक आलम, मो. आसिफ, अफरोज आलम, योगेंद्र दास, ग्रामीण किसान मंडल पश्चिमी तुरहापट्टी, हेमंत लाल कुशवाहा, रामाधार महतो, रूमा कुमारी, किशुन राउत, आसिमा खातून, चंद्रावती देवी, किशुन साह और महेंद्र साह समेत कई लोगों के आवेदन शामिल हैं.

इन आवेदनों को 8 से 11 दिन पहले पोर्टल पर अपलोड किया गया था, लेकिन अब तक निष्पादन नहीं हो सका है.

45 पंचायतों में लगा था सहयोग शिविर

गौरतलब है कि 19 मई को जिले की 45 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किया गया था. शिविर में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कुल 2472 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिन्हें पोर्टल पर अपलोड कर संबंधित विभागों को भेजा गया था.

इनमें सबसे अधिक 783 आवेदन ग्रामीण विकास विभाग और 389 आवेदन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थे.

प्रशासन ने दी चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सहयोग पोर्टल पर दर्ज मामलों का समय पर निष्पादन अनिवार्य है. तय अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.

प्रशासन का कहना है कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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Published by: Sarfaraz Ahmad

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