Bettiah Fourlane Project: जीएमसीएच स्थित पथरी घाट से बरवत सेना तक बन रही 6.75 किलोमीटर लंबी फोरलेन लाइफलाइन सड़क अब केवल आवागमन का माध्यम नहीं रहेगी. यह सड़क सुरक्षा, सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का नया उदाहरण बनेगी. संशोधित प्राक्कलन को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इस सड़क पर रात में भी दिन जैसा उजाला रहेगा. सड़क के बीच बने डिवाइडर पर करीब 170 विद्युत पोल लगाए जाएंगे, जिनके बीच की दूरी लगभग 40 मीटर होगी. इससे पूरी सड़क पर बेहतर रोशनी उपलब्ध होगी और रात्रिकालीन यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी. इसके साथ ही सड़क के दोनों किनारों पर आकर्षक पेवर ब्लॉक भी लगाए जाएंगे, जिससे पैदल चलने वालों को बड़ी सुविधा मिलेगी.
सुरक्षा और जरूरत को देखते हुए योजना में हुआ बदलाव
दरअसल, प्रारंभिक योजना में इस सड़क पर प्रकाश व्यवस्था और पेवर ब्लॉक लगाने का कोई प्रावधान शामिल नहीं था. लेकिन प्रशासनिक एवं विभागीय बैठकों में यह गहराई से महसूस किया गया कि जीएमसीएच को जोड़ने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण सड़क पर रात्रि में सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त लाइटिंग का होना बहुत जरूरी है. इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग ने संशोधित प्राक्कलन तैयार कर मुख्यालय को भेजा था. पथ निर्माण विभाग, बेतिया के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार चौधरी ने बताया कि इस संशोधित प्राक्कलन को हाल ही में प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है. अब विद्युत पोल और पेवर ब्लॉक लगाने का काम भी इसी मुख्य परियोजना का हिस्सा होगा.
मरीजों, डॉक्टरों और एंबुलेंस के लिए साबित होगी वरदान
यह चमचमाती सड़क जीएमसीएच आने वाले गंभीर मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष रूप से राहतकारी साबित होगी. रात की पाली में ड्यूटी करने वाले अस्पताल कर्मियों के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहनों का आवागमन भी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम हो जाएगा. आधुनिक रोशनी, बेहतर सौंदर्यीकरण और सुरक्षित बुनियादी ढांचे के साथ यह फोरलेन सड़क बेतिया के शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की एक नई पहचान बनने की ओर अग्रसर है.
