बेतिया राज की जमीन पर बड़ा फैसला, जानिए अब सरकार क्या करने जा रही है?

पश्चिम चंपारण की बेतिया राज की 15,556 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद जिलाधिकारी ने मूल्यांकन समिति के गठन और आगे की कार्रवाई की जानकारी दी है.

Bettiah Raj Land: पश्चिम चंपारण स्थित बेतिया राज की 15,556.39 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है. राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी संबंधित जिलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत कर दिया है.

अब प्रत्येक संबंधित जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा, जो बेतिया राज की परिसंपत्तियों के पूर्ण स्वामित्व हस्तांतरण के लिए निर्धारित राशि का आकलन करेगी.

जिलाधिकारी ने दी प्रक्रिया की जानकारी

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की अधिसूचना दो दिन पहले जारी हुई है. निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि समिति बिहार स्टांप नियमावली, 1995 और उसके संशोधित प्रावधानों के अनुसार परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करेगी. साथ ही उनके प्रबंधन और निपटान की प्रक्रिया भी तय करेगी.

अधिसूचना में जमीन का पूरा विवरण

सरकारी अधिसूचना में संबंधित अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा संख्या और रकबा का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है.

प्रशासन के अनुसार इससे यह स्पष्ट होगा कि किस अंचल में बेतिया राज की कितनी भूमि स्थित है. सबसे अधिक भूमि बगहा-1 अंचल के विभिन्न मौजों में दर्ज है.

9 हजार एकड़ से अधिक अतिरिक्त जमीन की हुई पहचान

बेतिया राज की परिसंपत्तियां सरकार में समाहित होने के बाद चलाए गए विशेष खोज अभियान में 9 हजार एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की पहचान की गई है.

इनमें पश्चिम चंपारण में 6 हजार एकड़ से अधिक भूमि मिली है, जबकि पटना, पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज और उत्तर प्रदेश में करीब 3 हजार एकड़ से अधिक जमीन चिन्हित की गई है.

2017-18 के सर्वे से बदली तस्वीर

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार 2017-18 के सर्वेक्षण से पहले पश्चिम चंपारण में बेतिया राज की 9,758 एकड़ भूमि दर्ज थी, जबकि जिले से बाहर लगभग 15,368 एकड़ जमीन का रिकॉर्ड उपलब्ध था.

नई खोज और हालिया अधिसूचना के बाद बेतिया राज की परिसंपत्तियों के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. आने वाले दिनों में जिला स्तरीय मूल्यांकन समितियां परिसंपत्तियों का आकलन कर आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगी.


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लेखक के बारे में

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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