बेतियाराज के पैलेस जैसा बन रहा बेतिया रेलवे स्टेशन, यात्रियों को जल्द मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

बेतिया रेलवे स्टेशन का कायाकल्प जारी है. 54 करोड़ की योजना से स्टेशन को राजसी विरासत और आधुनिक सुविधाओं का नया रूप मिल रहा है. जानिए डबल हाइट लॉबी, फूड कोर्ट, स्मार्ट पार्किंग से लेकर चंपारण की कहानी दिखाने वाले खास इंतजाम.

Bettiah Railway station: बेतिया रेलवे स्टेशन अब पुराने स्वरूप में नहीं रहेगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के पुनर्विकास का काम चल रहा है. नए स्टेशन भवन को बेतिया की ऐतिहासिक पहचान से जोड़ते हुए बेतियाराज की विरासत की झलक देने की तैयारी है. वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन विकसित किया जा रहा है. स्टेशन परिसर में पुनर्विकास का काम जारी है.

राजमहल जैसी वास्तुकला, आधुनिक सुविधाओं का तड़का

प्रस्तावित स्टेशन भवन में बेतिया की ऐतिहासिक और औपनिवेशिक वास्तुकला की झलक देखने को मिलेगी. रेलवे की डिजाइन प्रस्तुति में मेहराबदार खुली जगह, केंद्रीय प्रवेश द्वार, पोर्टिको और गर्म रंगों वाली ईंटों के इस्तेमाल की परिकल्पना की गयी है. भवन का बाहरी स्वरूप बेतिया की ऐतिहासिक इमारतों से जुड़ा होगा, जबकि अंदर आधुनिक स्टेशन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

डबल हाइट लॉबी देगी एयरपोर्ट जैसा एहसास

नए स्टेशन के मुख्य भवन को करीब 135.20 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा रखने की योजना है. भवन में डबल हाइट मॉडर्न लॉबी, बड़े ग्लास विंडो और खुले स्पेस का प्रावधान है. इससे स्टेशन के अंदर प्राकृतिक रोशनी के साथ यात्रियों के लिए खुला और सुविधाजनक माहौल तैयार होगा.

अभी क्या-क्या काम हो रहा

पुनर्विकास के तहत स्टेशन परिसर में नये भवन और यात्री सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्य किए जा रहे हैं. योजना में स्टेशन प्रवेश और निकास, पार्किंग, यात्री आवागमन, प्लेटफॉर्म से जुड़ी सुविधाओं और अलग-अलग यात्री क्षेत्रों को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है. पुराने स्टेशन परिसर को चरणबद्ध तरीके से नये ढांचे के अनुरूप विकसित किया जा रहा है.

18 हजार यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

बेतिया रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 18 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है. स्टेशन पर चार दर्जन से अधिक ट्रेनों का ठहराव है. रेलवे की प्रस्तुति के अनुसार स्टेशन एनएसजी-3 श्रेणी का है और समस्तीपुर मंडल के पूर्व मध्य रेलवे के अधीन आता है. यहां तीन प्लेटफॉर्म और एक फुट ओवरब्रिज है.

वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट और शॉपिंग की सुविधा

नये स्टेशन में आधुनिक वेटिंग लाउंज, रिटायरिंग रूम, डॉरमेट्री, फूड कोर्ट, एटीएम, फार्मेसी और शॉपिंग सेंटर जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं. यात्रियों के इंतजार के समय को उपयोगी बनाने के लिए 'शॉप व्हाइल यू वेट' की अवधारणा भी शामिल है. दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, लिफ्ट और समर्पित पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है.

आगमन और प्रस्थान के रास्ते होंगे अलग

स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आने और जाने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे. ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के लिए अलग पार्किंग और पिकअप-ड्रॉप क्षेत्र होगा. स्टेशन को बस सेवा से जोड़ने की भी योजना है. इससे रेलवे स्टेशन को शहर के दूसरे परिवहन साधनों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा.

चंपारण का इतिहास भी दिखेगा

बेतिया स्टेशन के नये स्वरूप में शहर और चंपारण की ऐतिहासिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी. स्टेशन परिसर में डिजिटल पैनल, वॉल आर्ट, ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित पेंटिंग, 3डी ग्लास पेंटिंग और मेटल प्रिंटिंग के जरिये शहर की विरासत प्रदर्शित करने की योजना है. रात में भवन के बाहरी हिस्से पर लेजर लाइटिंग से कला और इतिहास को दिखाने का प्रस्ताव है.

सुरक्षा से लेकर दिव्यांग सुविधा तक का ध्यान

स्टेशन डिजाइन में स्मार्ट साइन बोर्ड, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, लिफ्ट, एस्केलेटर और दिव्यांगजनों के लिए सुगम आवागमन की व्यवस्था शामिल है. फायर और लाइफ सेफ्टी के लिए प्लेटफॉर्म इवैक्यूएशन का समय अधिकतम चार मिनट रखने तथा आपात निकासी मार्ग तक अधिकतम 100 मीटर की दूरी का प्रावधान किया गया है.

ग्रीन स्टेशन की भी होगी झलक

स्टेशन को पर्यावरण के लिहाज से भी आधुनिक बनाने की योजना है. सोलर पावर आधारित लाइटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन रूफ, लैंडस्केपिंग, ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटिंग, सोलर पैनल और पानी की बचत करने वाली व्यवस्थाओं को डिजाइन में शामिल किया गया है.

शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने की योजना

पुनर्विकास का उद्देश्य केवल स्टेशन भवन को नया रूप देना नहीं है. डिजाइन में स्टेशन के दोनों तरफ के शहर को बेहतर तरीके से जोड़ने, वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही को अलग रखने तथा बस, ऑटो और टैक्सी जैसी परिवहन सेवाओं के साथ स्टेशन का समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है.

54 करोड़ की योजना से बदल रही तस्वीर

बेतिया स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 54 करोड़ रुपये की योजना है. इसका निर्माण कार्य जारी है. तैयार होने के बाद स्टेशन बेतिया की ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र बन सकता है.

एक नजर में

  • स्टेशन कोड : BTH
  • श्रेणी : NSG-3
  • जोन : पूर्व मध्य रेलवे
  • मंडल : समस्तीपुर
  • प्रतिदिन यात्री : 18 हजार से अधिक
  • ट्रेनों का ठहराव : 4 दर्जन से अधिक
  • पुनर्विकास बजट : करीब 54 करोड़ रुपये
  • प्रस्तावित भवन : 135.20 मीटर × 22 मीटर
  • प्लेटफॉर्म इवैक्यूएशन : अधिकतम 4 मिनट
  • प्रमुख कनेक्टिविटी : पटना, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, गोरखपुर और गुवाहाटी

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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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