Bettiah News: जिला के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की सेहत सुधारने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है. पीएम पोषण योजना के निदेशक के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) कुमकुम पाठक ने सिविल सर्जन (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) से स्कूली बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है. इस संबंध में डीएम और डीईओ सहित सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) और मध्याह्न भोजन योजना के साधनसेवियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य स्तर की नियमित निगरानी कर उन्हें बेहतर पोषण और चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ना है.
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मिलेगा मुफ्त इलाज
यह पूरा अभियान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत चलाया जाएगा, जिससे पश्चिम चंपारण के हजारों स्कूली बच्चों को सीधे लाभ मिलेगा. स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से आयोजित होने वाले इन शिविरों में बच्चों की सामान्य शारीरिक स्थिति, पोषण स्तर, आंख, दांत, त्वचा और अन्य सामान्य बीमारियों की गहन जांच की जाएगी. यदि जांच के दौरान किसी बच्चे में कोई गंभीर बीमारी या समस्या पाई जाती है, तो उसे आगे के मुफ्त और बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर कर चिन्हित किया जाएगा.
नियमित स्वास्थ्य जांच से बढ़ेगी बच्चों की उपस्थिति
शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जांच होने से बच्चों की पढ़ाई और उनके सीखने की क्षमता पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. अक्सर देखा जाता है कि छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चे स्कूल नहीं आ पाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है. डीपीओ कुमकुम पाठक ने सभी प्रधानाध्यापकों को इस अभियान को गंभीरता से लेने और शत-प्रतिशत बच्चों की जांच कराकर समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इस पूरी व्यवस्था की जिला स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी.
बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
