बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण में किसान रजिस्ट्रेशन अभियान को अब पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतार दिया गया है. जिले में एक भी पात्र किसान छूटे नहीं, इसके लिए प्रशासन ने घर-घर जाकर रजिस्ट्रेशन कराने का फैसला लिया है. जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर सोमवार 26 मई से विशेष अभियान शुरू किया गया, जिसमें अलग-अलग विभागों के कर्मियों को लगाया गया है. सुबह सात बजे से टीम गांवों में पहुंचकर किसानों का ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन करेगी.
गांव-गांव पहुंचेगी प्रशासन की टीम
अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि अभियान को लेकर सभी अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. टीम सीधे किसानों के घर जाकर फार्मर रजिस्ट्रेशन करेगी, ताकि किसी किसान को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.
गन्ना किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
जिला प्रशासन ने गन्ना किसानों के लिए किसान रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है. अब बिना रजिस्ट्रेशन किसी किसान को किसान कोड जारी नहीं होगा. किसान कोड नहीं मिलने पर चीनी मिलों से पेराई पर्ची भी नहीं मिलेगी.
चीनी मिलों में लगेंगे विशेष शिविर
जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए सभी चीनी मिलों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे. वहां विभागीय कर्मियों की तैनाती रहेगी, ताकि किसानों का रजिस्ट्रेशन आसानी से हो सके.
राज्य में दूसरे नंबर पर पश्चिम चंपारण
प्रशासन के मुताबिक किसान रजिस्ट्रेशन के मामले में पश्चिम चंपारण राज्य में दूसरे स्थान पर है. जिले में अब तक 1 लाख 60 हजार 170 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है, जो किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों का करीब 52.8 प्रतिशत है.
डीएम खुद करेंगे अभियान की निगरानी
किसान रजिस्ट्रेशन अभियान की मॉनिटरिंग खुद जिलाधिकारी करेंगे. अभियान में लगे कर्मियों की आईडी और उनके काम की नियमित समीक्षा होगी. लापरवाही या धीमी प्रगति मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
