Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया प्रखंड के रहने वाले अधिवक्ता अजीत कुमार पाठक ने न्यायिक क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उनका चयन सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विस कमिटी (एससीएलएससी) के पैनल अधिवक्ता के रूप में किया गया है. कानून और न्याय के क्षेत्र में मिली इस बड़ी कामयाबी से पूरे जिले और विशेष रूप से उनके गृह क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है. इससे पहले भी श्री पाठक देश की शीर्ष अदालत में मीडियेटर (मध्यस्थ) के रूप में अपनी सेवाएं देकर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं.
1. अजीत कुमार पाठक: नियुक्ति एवं परिचय तालिका (Quick Info Table)
| विवरण (Particulars) | मुख्य जानकारी (Key Details) |
|---|---|
| चयनित अधिवक्ता | अजीत कुमार पाठक |
| मूल निवास | ग्राम: ढाठ मटियरिया, प्रखंड: लौरिया, पश्चिम चंपारण (बेतिया) |
| नया पद/जिम्मेदारी | पैनल अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विस कमिटी (SCLSC) |
| वरीयता सूची क्रम | क्रम संख्या 53 |
| कार्यभार ग्रहण तिथि | 15 मई 2026 |
| पूर्व अनुभव | सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में मीडियेटर (मध्यस्थ) |
2. गरीब और जरूरतमंद वादकारियों को दिलाएंगे न्याय
सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विस कमिटी के पैनल अधिवक्ता के रूप में चयनित होने के बाद अजीत कुमार पाठक को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. अब वे देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंचने वाले गरीब, असहाय और समाज के जरूरतमंद वर्ग के वादकारियों के मुकदमों का निष्पादन सुनिश्चित करेंगे. इसके साथ ही वे समिति द्वारा समय-समय पर सौंपी जाने वाली विभिन्न कानूनी और संवैधानिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे.
3. 71वीं से 73वीं बैठक तक चली चयन प्रक्रिया
अजीत कुमार पाठक का इस प्रतिष्ठित पैनल में चयन एक गहन और लंबी चयन प्रक्रिया के बाद हुआ है. जानकारी के अनुसार, पैनल अधिवक्ताओं के चयन की यह आधिकारिक प्रक्रिया एससीएलएससी की 71वीं बैठक से शुरू होकर 73वीं बैठक में पूरी की गई थी. समिति द्वारा जारी की गई अंतिम सूची में श्री पाठक का नाम 53वें स्थान पर दर्ज है. वे 15 मई 2026 से ही सुप्रीम कोर्ट में अपने इस नए दायित्व को संभाल चुके हैं और कार्यों का निष्पादन शुरू कर दिया है.
4. कठिन परिश्रम और सेवा भाव को दिया सफलता का श्रेय
अजीत कुमार पाठक का वक्तव्य: अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार पाठक ने इसका पूरा श्रेय अपने कठिन परिश्रम, न्याय के प्रति सेवा भाव और अपने परिवार के निरंतर सहयोग को दिया है. उनके चयन की खबर बेतिया और लौरिया पहुंचते ही स्थानीय अधिवक्ताओं, बुद्धिजीवियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी और इसे पूरे चंपारण के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया.
