Bettiah News: जिला प्रशासन ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार मामलों के पीड़ितों को राहत और सुरक्षा देने की दिशा में पहल तेज कर दी है. जिला समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में पीड़ित परिवारों को मुआवजा, पेंशन और त्वरित न्याय दिलाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए. बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने की.
सैकड़ों पीड़ितों को मिली सहायता राशि
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में हत्या और अन्य गंभीर अत्याचार मामलों से प्रभावित 504 पीड़ित लाभुकों को राहत मुआवजा और नियमित मासिक पेंशन दी गई. वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 102 पीड़ितों को आर्थिक सहायता और पेंशन का लाभ मिल चुका है.
पीड़ित परिवारों को मिलेगा आर्थिक सहारा
प्रशासन ने कहा कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण नियमावली के तहत प्रभावित परिवारों और आश्रितों को नियमित पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है. इसका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को आर्थिक मजबूती देना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें.
एफआईआर और जांच में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अत्याचार से जुड़े मामलों में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए. साथ ही जांच तय समय सीमा के भीतर पूरी हो और राहत राशि के भुगतान में किसी तरह की देरी न हो. प्रशासन ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में बगहा विधायक राम सिंह, सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा, डीडीसी काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता राजस्व राजीव कुमार सिन्हा, बेतिया एसपी डॉ. शौर्य सुमन, बगहा एसपी रामानंद कौशल, जिला कल्याण पदाधिकारी अमित भास्कर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने पीड़ितों को त्वरित न्याय, सुरक्षा और सम्मान दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
बेतिया से मधुकर मिश्रा की रिपोर्ट
