बेतिया: विज्ञान नगर में जनसहयोग से बनी 300 मीटर मोटरेबल सड़क, पक्की सड़क की उठी मांग

बेतिया के विज्ञान नगर छावनी में जर्जर कच्ची सड़क लोगों के लिए बड़ी समस्या थी. कई बार मांग के बावजूद कार्रवाई न होने पर स्थानीय लोगों ने प्रो. शोभा लाल के नेतृत्व में जनसहयोग और श्रमदान से सड़क पर रैबिश और ईंट के टुकड़े डालकर उसे मोटरेबल बनाया है.

Bettiah News: नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित विज्ञान नगर छावनी में लंबे समय से जर्जर और कीचड़युक्त कच्ची सड़क से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. कई बार शिकायत और मांग के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने स्वयं पहल की. प्रो. शोभा लाल के नेतृत्व में मोहल्लेवासियों ने जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से करीब 300 मीटर कच्ची सड़क पर रैबिश और ईंट के टुकड़े डलवाकर उसे अस्थायी रूप से मोटरेबल बना दिया.

जनसहयोग से सड़क को बनाया गया आवागमन योग्य

स्थानीय लोगों ने आर्थिक सहयोग के साथ श्रमदान कर सड़क की मरम्मत कराई. सड़क पर रैबिश और ईंट के टुकड़े डालने से अब दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है. इससे क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में बड़ी राहत मिली है.


नगर निगम से कई बार की गई थी मांग

प्रो. शोभा लाल ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार अनुरोध किया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. लगातार उपेक्षा के बाद क्षेत्रवासियों ने स्वयं सड़क को चलने योग्य बनाने का निर्णय लिया, ताकि लोगों की परेशानी कुछ हद तक कम हो सके.

बरसात में बढ़ जाती थी परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती थी, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था. स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. अस्थायी मरम्मत के बाद फिलहाल राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान की आवश्यकता बनी हुई है.

पक्की सड़क निर्माण की उठाई मांग

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि अस्थायी व्यवस्था के बजाय जल्द से जल्द पीसीसी या पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए. प्रो. शोभा लाल ने कहा कि जनसहयोग से फिलहाल सड़क को मोटरेबल बनाया गया है, लेकिन विज्ञान नगर के समुचित विकास और लोगों की सुविधा के लिए स्थायी पक्की सड़क का निर्माण जरूरी है.

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लेखक के बारे में

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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