Bettiah News: अपनी ‘सद्भाव यात्रा’ के दौरान बेतिया पहुंचे निशांत कुमार ने जदयू कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती का मंत्र दिया. उन्होंने कहा, ‘कार्यकर्ता मजबूत होंगे तभी संगठन सशक्त होगा, और यदि संगठन मजबूत रहा तो सरकार भी अडिग रहेगी. सरकार की मजबूती से ही राज्य का समग्र विकास संभव है.’
बेतिया के गांधी सभागार में आयोजित ‘निशांत संवाद’ कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का भारी जनसैलाब उमड़ा. जैसे ही निशांत कुमार अपने ‘निश्चय रथ’ पर सवार होकर पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट और नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया.
भावुक अपील और संगठन पर जोर
कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते हुए निशांत कुमार ने भावुक होकर कहा, “जिस तरह का स्नेह और समर्थन मेरे पिता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिलता रहा है, मुझे पूर्ण विश्वास है कि वैसा ही प्यार मुझे भी मिलेगा.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाना है.
नीतीश कुमार के कार्यों को गिनाया
नीतीश कुमार के शासनकाल में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए निशांत ने संकल्प लिया कि वे अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से कभी समझौता नहीं करेंगे. महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा को रोकने और महिलाओं को सामाजिक रूप से समर्थ बनाने के लिए ही राज्य में शराबबंदी लागू की गई, जिससे आज महिलाएं अधिक मुखर और आत्मनिर्भर बनी हैं.
साथी नेताओं ने निशांत कुमार को बताया ‘बिहार का भविष्य’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार ने निशांत कुमार को ‘बिहार का भविष्य’ बताया. नेताओं ने कहा कि निशांत कुमार चाहते तो उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर सकते थे, लेकिन उन्होंने पद की लालसा से ऊपर उठकर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच रहने का कठिन मार्ग चुना.
चंपारण से ऐतिहासिक शुरुआत
गौरतलब है कि निशांत कुमार ने अपनी सद्भाव यात्रा की शुरुआत चंपारण की ऐतिहासिक धरती से की है. यह उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार भी अपनी अधिकांश महत्वपूर्ण यात्राओं का आगाज इसी जिले से करते रहे हैं
बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
