Bettiah News: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं. दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री की बैठकों के बाद संभावित मंत्रियों के नामों पर मंथन अंतिम चरण में है. इस सियासी हलचल के बीच पश्चिम चंपारण जिले से चार प्रमुख चेहरों के नाम चर्चा में हैं, जो जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट बैठ रहे हैं. इनमें पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी से लेकर जदयू के युवा चेहरे समृद्ध वर्मा तक शामिल हैं.
अनुभव और संगठन की पसंद
भाजपा की वरिष्ठ नेता और राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री रहीं रेणु देवी इस रेस में सबसे आगे मानी जा रही हैं. बेतिया से 22 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करने वाली रेणु देवी का संगठनात्मक कद काफी ऊंचा है. वहीं, नौतन से लगातार तीन बार के विधायक नारायण प्रसाद भी मजबूत दावेदार हैं. 1985 से राजनीति में सक्रिय नारायण प्रसाद 2025 की सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री रह चुके हैं. उनकी प्रशासनिक पकड़ और अनुभव उन्हें दोबारा कैबिनेट में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है.
विनय बिहारी और समृद्ध वर्मा की चर्चा
लौरिया विधानसभा से चार बार के विधायक विनय बिहारी अपनी सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं. पूर्व कला एवं संस्कृति मंत्री रहे विनय बिहारी ने इस बार 27 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. दूसरी ओर, जदयू के इकलौते जिला विधायक समृद्ध वर्मा ने सिकटा सीट से 47 हजार मतों की रिकॉर्ड जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है. युवा नेतृत्व और जदयू के एकमात्र प्रतिनिधि होने के नाते समृद्ध वर्मा का नाम भी मंत्री पद की दौड़ में तेजी से उछल रहा है.
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर जोर
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार मंत्रिमंडल में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण देखने को मिल सकता है. चंपारण क्षेत्र सामरिक और राजनीतिक रूप से काफी अहम है, ऐसे में एनडीए गठबंधन यहाँ से कम से कम दो चेहरों को कैबिनेट में जगह देकर संतुलन बनाने की कोशिश करेगा. हालांकि, अंतिम मुहर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लगाई जानी है.
बेतिया से गणेश वर्मा की रिपोर्ट
