Bettiah News: दलित बस्ती विवाद पहुंचा केंद्रीय मंत्री तक, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

Bettiah News: नरकटियागंज के मढ़िया दलित बस्ती में मारपीट और कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे तक पहुंचा. राजकुमारी देवी ने पति ललू पासवान पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच को लेकर सौंपा आवेदन. जानिए खबर विस्तार से…

Bettiah News: शिकारपुर थाना क्षेत्र के मढ़िया दलित बस्ती में हुई मारपीट, पुलिसिया कार्रवाई और कथित प्रताड़ना का मामला अब दिल्ली दरबार यानी केंद्रीय स्तर तक पहुंच गया है. बस्ती की निवासी और पीड़ित महिला राजकुमारी देवी ने बिहार दौरे पर आए भारत सरकार के केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे को एक लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप और न्याय की गुहार लगाई है. केंद्रीय मंत्री को आवेदन दिए जाने के बाद स्थानीय पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई है.

पेड़ काटने के विवाद को लेकर हुई थी मारपीट

पीड़िता राजकुमारी देवी द्वारा केंद्रीय मंत्री को दिए गए शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बीते 25 मई 2026 को सिर्फ एक आम का पेड़ काटने के मामूली विवाद को लेकर गांव के ही दबंग और असामाजिक तत्वों ने उनके घर पर चढ़कर पूरे परिवार के साथ लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी. इस हिंसक झड़प और जानलेवा हमले में उनके पति ललू पासवान समेत परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे.

राजकुमारी देवी ने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि गांव के कुछ रसूखदार लोग साजिशन लगातार झूठे और मनगढ़ंत मुकदमे दर्ज कराकर स्थानीय दलित परिवारों को प्रताड़ित कर रहे हैं.

आधी रात को दबिश देने पहुंची पुलिस पर भी महिलाओं व बच्चों से दुर्व्यवहार का आरोप

केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए पत्र में स्थानीय शिकारपुर थाना पुलिस की कार्यशैली और कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने एकतरफा रुख अपनाते हुए रात के सन्नाटे में दलित बस्ती में धावा बोला. आरोप के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने आधी रात को घरों के दरवाजे तोड़कर महिलाओं, असहाय बुजुर्गों तथा मासूम बच्चों के साथ घोर दुर्व्यवहार किया.

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: केंद्रीय मंत्री

मढ़िया दलित बस्ती के इस संवेदनशील और गंभीर मामले को केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. उन्होंने पीड़ित पक्ष की आपबीती सुनने के बाद दो टूक शब्दों में कहा:

देश में कानून और संविधान से ऊपर कोई भी व्यक्ति या संस्था नहीं है. किसी भी नागरिक के साथ उसकी जाति, वर्ग, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भी भेदभाव या अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुझे प्राप्त हुए इस शिकायती आवेदन के हर बिंदु की वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. यदि जांच में पुलिस या स्थानीय स्तर पर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

आधिकारिक बयान का इंतजार

इधर, मढ़िया दलित बस्ती के अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे इस हिंसक घटना और पुलिसिया दबिश के बाद से ही सहमे हुए हैं और असुरक्षा के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बेकसूर लोगों को इस मामले से अलग रखकर राहत दी जाए और वास्तविक दोषियों को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए.

फिलहाल इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस या अनुमंडल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. हालांकि, मामला केंद्रीय मंत्री तक पहुंचने के बाद अब पीड़ित परिवार और डरे हुए ग्रामीणों के बीच निष्पक्ष जांच होने और न्याय मिलने की एक नई उम्मीद जरूर जगी है.

बेतिया के नरकटियागंज से सतीश कुमार पांडेय

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Published by: Purushottam Kumar

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