Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण योजना) के तहत कार्यरत रहे 13 मृत रसोइयों और सहायक रसोइयों के आश्रितों को जल्द ही चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान मिलेगा. पीएम पोषण योजना की डीपीओ कुमकुम पाठक ने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष में भी जिले के ऐसे ही 22 मृत कर्मियों के परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है. शेष 13 परिवारों को जल्द भुगतान के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
दो महीने के भीतर जमा करना होगा दावा प्रपत्र
डीपीओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को एकमुश्त चार लाख रुपये देने का प्रावधान है. इसके लिए संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक मृत कर्मी की मृत्यु तिथि से दो महीने के भीतर आश्रितों से निर्धारित प्रपत्र और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे. इन कागजातों का मूल प्रतियों से मिलान कर सत्यापन किया जाएगा. सत्यापित दस्तावेजों की एक प्रति स्कूल में सुरक्षित रहेगी, जबकि दूसरी प्रति 10 दिनों के भीतर डीपीओ कार्यालय में जमा करानी होगी.
लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापक और बीआरपी पर होगी कार्रवाई
डीपीओ ने प्रखंड साधन सेवियों (बीआरपी) को निर्देश दिया है कि वे दस्तावेजों की गंभीरता से जांच कर ही इसे जिला कार्यालय को अग्रसारित करें. समय सीमा और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक या साधन सेवी की जवाबदेही तय की जाएगी. लापरवाही की स्थिति में अनुग्रह अनुदान का दावा अमान्य भी किया जा सकता है.
बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
