बेतिया के इनरवा से अमित सागर की रिपोर्ट
Bettiah News: बेतिया के मैनाटांड प्रखंड में इन दिनों नीलगायों का आतंक किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. सिंगासनी, बेलवाडीह, इनरवा, भंगहा, मानपुर और पिराड़ी समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं. लगातार हो रहे नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है और वे प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं.
रातभर खेतों में मचता है उत्पात
स्थानीय किसानों का कहना है कि शाम होते ही नीलगायों के झुंड खेतों की तरफ पहुंच जाते हैं. पूरी रात खेतों में दौड़ने और फसल रौंदने से मक्का, गन्ना, गेहूं और सब्जियों की खेती को भारी नुकसान हो रहा है. कई किसानों ने बताया कि मेहनत और लागत से तैयार फसल अब बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है.
किसानों को करनी पड़ रही खेतों की रखवाली
किसानों का कहना है कि फसल बचाने के लिए उन्हें रातभर खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है. इसके बावजूद नीलगायों को रोक पाना मुश्किल हो रहा है. किसान राजन कुमार पांडे, धर्मेश कुशवाहा, बब्लू कुमार मौर्या, दिनेश यादव, बिपिन यादव और सुनील कुमार ने बताया कि खेती ही उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है और फसल खराब होने से आर्थिक संकट गहराने लगा है.
पहले कम दिखती थीं नीलगाएं
ग्रामीणों के मुताबिक, पहले इलाके में कभी-कभार ही नीलगाय नजर आती थीं, लेकिन अब बड़ी संख्या में झुंड बनाकर गांवों के आसपास पहुंच रही हैं. हरी फसल को नीलगाय तेजी से नुकसान पहुंचा रही हैं, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है.
वन विभाग और प्रशासन से लगाई गुहार
किसानों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि फसल बचाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं. साथ ही प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.
