बेतिया: 127 आदिवासी गांवों में लगेंगे विशेष शिविर, थारू और उरांव बहुल इलाकों तक पहुंचेगी सरकार

Bettiah News: पश्चिम चंपारण के 5 प्रखंडों के 127 जनजातीय गांवों में 18 से 25 मई तक विशेष 'जनभागीदारी अभियान' चलेगा. शिविरों में ऑन-द-स्पॉट सरकारी योजनाओं का लाभ, मुफ्त मेडिकल जांच और जनसुनवाई के जरिए समस्याओं का निपटारा होगा. पढे़ं पूरी खबर…

बेतिया से मधुकर मिश्रा की रिपोर्ट

Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के दूरदराज और जनजातीय बहुल गांवों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों के लिए अच्छी खबर है. सरकार अब खुद चलकर उनके दरवाजे तक आ रही है. जिले के आदिवासी परिवारों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आगामी 18 मई 2026 से विशेष “जनभागीदारी अभियान” शुरू होने जा रहा है.

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष अभियान 25 मई तक चलेगा. सोमवार (18 मई) को बेतिया समाहरणालय परिसर से जिला पदाधिकारी हरी झंडी दिखाकर इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगे.

5 प्रखंडों के 127 गांवों में लगेंगे महाशिविर

प्रशासनिक तैयारी के अनुसार, जिले के पांच प्रमुख प्रखंडों—बगहा-2, गौनाहा, रामनगर, मैनाटांड़ और योगापट्टी के 127 अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों को इस अभियान के लिए चुना गया है। इन गांवों में 19 मई से 25 मई तक विशेष शिविर (कैंप) आयोजित किए जाएंगे.

शिविरों में मिलने वाली मुख्य सुविधाएं:

ऑन-द-स्पॉट काम: विभिन्न सरकारी सेवाओं और प्रमाण पत्रों के लिए मौके पर ही आवेदन लिए जाएंगे और उनका त्वरित निष्पादन कर सर्टिफिकेट बांटे जाएंगे.

फ्री मेडिकल कैंप: ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच, मुफ्त इलाज और डॉक्टरों द्वारा उचित परामर्श की सुविधा दी जाएगी.

जनसुनवाई: ऑन द स्पॉट होगा समस्याओं का निपटारा

इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. 21 मई से 25 मई तक चयनित आदि सेवा केंद्रों पर विशेष ‘जनसुनवाई कार्यक्रम’ आयोजित होगा. इसमें आदिवासी समुदाय के लोग सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रख सकेंगे, जिन्हें जल्द से जल्द हल करने का सख्त निर्देश दिया गया है.

अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य

 प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद जनजातीय परिवारों तक सरकारी योजनाओं का सहज लाभ पहुंचाना है.

डीडीसी संभालेंगे कमान, अधिकारियों को मिले निर्देश

अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन को वरीय पदाधिकारी नामित किया गया है. तैयारियों को लेकर जिला कल्याण अधिकारी अमित भास्कर ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है.

प्रशासन की अपील 

जिला प्रशासन ने स्थानीय थारू, उरांव और अन्य जनजातीय समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे अपनी पंचायत के विकास मित्र या प्रखंड कल्याण पदाधिकारी से संपर्क कर इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं.

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लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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