Bettiah News: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे के दौरान बिहार के जांबाज मजदूरों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है. सरकारी रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही पश्चिम चंपारण और दरभंगा के 10 मजदूरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी और डूबते लोगों के लिए ‘देवदूत’ बन गए. इन मजदूरों की बहादुरी से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश सरकार ने सभी को 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की है.
पुल निर्माण में लगे थे मजदूर
हादसे के वक्त ये सभी मजदूर बरगी डैम के पास एक पुल निर्माण कार्य में लगे हुए थे. मजदूरों के सुपरवाइजर बृंद कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने क्रूज के पायलट को खतरे को लेकर आवाज लगाई थी, लेकिन चेतावनी अनसुनी करने के कारण क्रूज पानी में समा गया. चीख-पुकार सुनते ही मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के रस्सियों के सहारे डैम में उतर गए. उन्होंने एक दर्जन से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और चार शवों को भी पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया.
10 में से 7 पश्चिम चंपारण के मजदूर
साहस दिखाने वाले 10 मजदूरों में सात पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल के हैं. इनमें पिपरासी के प्रेम कुशवाहा, श्रीपतनगर के उपेंद्र राय, बगहा के सागर गुप्ता, राजेश साहनी, राजेश यादव, अरविंद यादव और संजय साहनी शामिल हैं. वहीं, दरभंगा जिले के संतोष सदाय, भवन सदाय और रामबहादुर सदाय ने भी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया.
चारों तरफ हो रही सराहना
मजदूरों की इस निस्वार्थ सेवा और बहादुरी की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है. स्थानीय प्रशासन के पहुंचने से पहले जिस तरह इन मजदूरों ने मोर्चा संभाला, उसने एक बड़े हादसे में कई जिंदगियां बचा लीं. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित इनाम राशि इन मजदूरों के हौसले का सम्मान है. बिहार के इन बेटों ने साबित कर दिया कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता.
बेतिया से गणेश वर्मा की रिपोर्ट
