बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले के मझौलिया अंचल से शिक्षा विभाग की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. मध्य विद्यालय हरपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नर्वोदय ठाकुर के अपने स्कूल से अनाधिकृत रूप से गायब पाए जाने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. समग्र शिक्षा अभियान की डीपीओ गार्गी कुमारी ने आरोपी शिक्षक नेता से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.
इसके साथ ही, स्पष्टीकरण स्वीकार होने तक उनके अनुपस्थित कार्य दिवसों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
ई-शिक्षा कोष पोर्टल की जांच में खुली पोल
विभागीय स्तर पर की गई डिजिटल मॉनिटरिंग के दौरान इस लापरवाही का खुलासा हुआ है:
- डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मई माह की विभागीय समीक्षा की जा रही थी.
- समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रधानाध्यापक नर्वोदय ठाकुर विगत 2, 7 और 23 मई 2026 को अपने विद्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे.
- केवल इतना ही नहीं, पोर्टल की जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय के शेष कार्य दिवसों में भी उनका आगमन समय बेहद मनमाना था. वे सुबह 08:56 से 10:27 पूर्वाह्न के बीच कभी भी अपनी मर्जी से स्कूल आ रहे थे.
डीपीओ की सख्त चेतावनी: ‘घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता’
शिक्षक नेता के इस आचरण पर नाराजगी जताते हुए डीपीओ ने इसे नियमों का उल्लंघन माना है:
- डीपीओ ने स्पष्ट किया कि आरोपित शिक्षक का ऐसा आचरण शिक्षा विभाग के अनिवार्य नियमों और प्रावधानों की सीधे तौर पर अनदेखी है.
- इसे सरकारी कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता का मामला माना गया है.
- विभाग ने निर्देश दिया है कि 24 घंटे के अंदर वे अपना स्पष्टीकरण समर्पित करें. यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या स्पष्टीकरण पर अंतिम निर्णय होने तक, मई महीने के अनुपस्थित दिनों का उनका वेतन पूरी तरह रोका रहेगा.
जिला भर के शिक्षक-शिक्षिकाओं को कड़ा संदेश
इस कार्रवाई के जरिए शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अनुशासन में रहने की हिदायत दी है:
- समग्र शिक्षा अभियान की डीपीओ ने कहा कि नर्वोदय ठाकुर पर की गई यह कार्रवाई जिला भर के अन्य शिक्षकों के लिए एक कड़ा संदेश है.
- ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपलब्ध सभी गतिविधियों की अब नियमित और कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है.
- विभाग ने साफ कर दिया है कि मनमाने तरीके से स्कूल आना या बिना किसी पूर्व सूचना के गायब रहना अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
- सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए समय पर विद्यालय पहुंचना और पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें भी ऐसी ही गंभीर विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
