Bettiah News: चितवन राष्ट्रीय निकुंज में बाघों की हो रही लगातार मौतें वन्यजीव संरक्षण पर सवाल खड़े कर रही हैं. बीते नौ महीनों में अब तक छह बाघों की मौत हो चुकी है, जिससे संरक्षण तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी चिंता बढ़ने लगी है. रविवार की संध्या एक और बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया.
गश्ती के दौरान मिला शव, इलाके में मचा हड़कंप
सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर के अनुसार, रविवार की शाम नियमित गश्ती पर निकले सुरक्षाकर्मियों को पश्चिम चितवन के मेघौली क्षेत्र के समीप सिजीघाट में एक बाघ मृत अवस्था में पड़ा मिला. शव मिलने की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची.
शरीर पर चोट के निशान
मौके पर किए गए प्राथमिक निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि मृत बाघ नर था और उसकी उम्र लगभग दो वर्ष के आसपास थी. बाघ के पूंछ के पास गहरे चोट के निशान पाए गए हैं.अधिकारियों का मानना है कि चोट किसी अन्य बाघ के साथ संघर्ष के दौरान लगी होगी, जो उसकी मौत का कारण बनी.
इलाके में बाघों के बीच संघर्ष की आशंका
बाघों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर अक्सर संघर्ष होता है. प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बाघ का किसी वयस्क बाघ से आमना-सामना हो गया होगा, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. हालांकि,यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किस बाघ ने किया.
मां से बिछड़ने के कारण बढ़ा खतरा
वन अधिकारियों का यह भी अनुमान है कि मृत बाघ अपनी मां से बिछड़ गया होगा.आमतौर पर कम उम्र के बाघ अनुभवहीन होते हैं और अपने क्षेत्र की रक्षा नहीं कर पाते, जिससे वे वयस्क बाघों के हमले का आसान शिकार बन जाते हैं. मां द्वारा छोड़े गए इस शावक को वनकर्मियों ने बचाने की कोशिश की थी और उसे कसरा स्थित मुख्यालय लाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
9 महीनों में 6 बाघों की मौत, संरक्षण पर सवाल
आर्थिक वर्ष के पिछले नौ महीनों में अब तक छह बाघों की मौत दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा संरक्षण के लिहाज से चिंताजनक माना जा रहा है।पिछली गणना के अनुसार, चितवन राष्ट्रीय निकुंज में कुल 128 बाघ मौजूद थे. ऐसे में लगातार हो रही मौतें इस संख्या को प्रभावित कर सकती हैं.
बेतिया से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट
