बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में आशा कार्यकर्ता बहाली प्रक्रिया में भारी अनियमितता और रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है. मामला जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. विभाग ने आनन-फानन में लालगढ़ पंचायत के करनमेया वार्ड संख्या-09 की चयनित आशा कार्यकर्ता प्रेमा कुमारी का चयन रद्द कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत पूरी चयन प्रक्रिया से जुड़े सदस्यों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है.
लोक शिकायत में पहुंचा मामला, सिविल सर्जन की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
लालगढ़ पंचायत के करनमेया निवासी शिला कुमारी ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद दायर कर धांधली का आरोप लगाया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को जांच प्रतिवेदन सौंपा. इसके आलोक में जिला स्वास्थ्य समिति ने २५ मई को चयनित अभ्यर्थी का चयन रद्द करते हुए चनपटिया पीएचसी प्रभारी को दो सप्ताह के भीतर पारदर्शी तरीके से नई चयन प्रक्रिया पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया है.
सबसे अधिक अंक होने के बावजूद रिश्वत न देने पर किया बाहर
पीड़ित अभ्यर्थी शिला कुमारी ने आरोप लगाया कि आशा बहाली के लिए उन्हें इंटरमीडिएट परीक्षा में २८६ अंक प्राप्त हुए थे, जो सभी छह अभ्यर्थियों में सबसे अधिक थे. मेधा सूची में शीर्ष पर होने के बावजूद चयन समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने मिलीभगत कर उनसे १.५० लाख रुपये रिश्वत की मांग की. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जब वह राशि देने में असमर्थ रहीं, तो मेधा सूची को दरकिनार कर कम अंक पाने वाली अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया. स्थानीय स्तर पर अब इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है.
